
नई दिल्ली। पनामा पेपर्स लीक मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने आईपीएल के पूर्व चेयरमैन चिरायू अमीन की संपत्ति जब्त कर ली है। ईडी ने फेमा के तहत कार्रवाई करते हुए अमीन की करीब 10.35 करोड़ रुपए के म्यूचुअल फंड को जब्त किया है। ईडी के मुताबिक उन्होनें अमीन के केमटेक प्राइवेट लिमिटेड के म्यूचुअल फंड जब्त किए हैं। यह कंपनी अमीन और उसके परिवार के लोग चला रहे थे। प्रवर्तन निदेशालय ने अपने बयान में कि पनामा पेपर्स मामले में अमीन और उनके परिवार के नाम ब्रिटेन के वर्जिन आईलैंड्स में हिस्सेदारी या हित को लेकर सामने आए थे।ईडी ने जांच में पाया कि ब्रिटेन के कैंपडेन हिल में एक 3-बीएचके अपार्टमेंट खरीदा था। इस अपार्टमेंट की कीमत रुपए में करीब 10.35 करोड़ है। यह संपत्ति अमीन और उनके परिवार ने अपनी कंपनी व्हीटफील्ड केमटेक प्राइवेट लिमिटेड इंडिया के जरिए ब्रिटेन में खरीदा था।
क्यों हुई कार्रवाई
फेमा 1999 की धारा 37ए में कहा गया है कि यदि इस कानून का उल्लंघन कर कुछ विदेशी मुद्रा, विदेशी प्रतिभूति या अचल संपत्ति देश के बाहर है उतनी ही की संपत्ति देश के भीतर जब्त की जा सकती है। इसी कानून के तहत आईपीएल के पूर्व चेयरमैन पर यह कार्रवाई की गई है।
कैसे हुई हेराफेरी
सिंगापुर की कंपनी को ट्रांसफर किए 15 करोड़
अमीन की कंपनी ने ब्रिटेन में इस संपत्ति को खरीदने के लिए सिंगापुर की अपनी सहयोगी कंपनी को 2.4 मिलियन डॉलर (करीब 15.48 करोड़ रुपए) ट्रांसफर किए थे। यह पैसा ओवरसीज डाइरेक्ट इन्वेस्टमेंट के तौर पर ट्रांसफर किया गया था। यह रकम आगे यूएई में बंद की गई अपनी सहायक कंपनी और ब्रिटेन के वर्जिन आईलैंड्स को भेजी गई। जिसमें से 10.35 करोड़ का इस्तेमाल इस संपत्ति को खरीदने में किया गया
क्या है पनाम पेपर्स
ब्रिटेन में पनामा की लॉ फर्म के 1.15 करोड़ टैक्स दस्तावेज पिछले साल लीक हुए थे। जिसमें व्लादिमीर पुतिन, नवाज शरीफ, शी जिनपिंग और फुटबॉलर मैसी समेत कई के मान सामने आये थे। इसमें खुलासा हुआ था कि कैसे इन लोगों ने अपनी बड़ी दौलत टैक्स हैवन वाले देशों में जमा की।
Published on:
10 Dec 2017 10:29 am
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