
नई दिल्ली। देश के तीन बार प्रधानमंत्री रहे अटल बिहारी वाजपेयी इस समय दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती है। उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के सभी बड़े नेता और मंत्री एम्स जाकर उनका हालचाल जान रहे हैं। अपने प्रधानमंत्रित्वकाल में अटल बिहारी वाजपेयी ने देश के विकास को लेकर कई एेसी नीतियां तैयार की थीं, जिनका लाभ आज भी मिल रहा है। इनमें से एक नीति टेलीकॉम नीति थी। अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में देश को नई टेलीकॉम नीति दी गई थी। इस टेलीकॉम नीति के आने के बाद देश दूरसंचार क्रांति का आगाज हुआ था। आज उनकी इस नीति के चलते ही देश में दूरसंचार उद्योग फल-फूल रहा है।
लाइसेंस फीस हटाकर बनाई रेवन्यू शेयरिंग नीति
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल की उपलब्धियों में टेलीकॉम नीति भी एक खास स्थान रखती है। अटल सरकार की टेलीकॉम नीति के कारण ही देश में दूरसंचार क्रांति का जन्म हुआ था। अटल सरकार ने 1999 में टेलीकॉम नीति में बदलाव करते हुए टेलीकॉम कंपनियों के लिए तय लाइसेंस फीस व्यवस्था को खत्म करते हुए रेवेन्यू शेयरिंग की व्यवस्था शुरू की थी। इसके अलावा टेलीकॉम सेक्टर के विकास के लिए अटल सरकार ने भारत संचार निगम का गठन भी किया था। अटल सरकार ने अंतरराष्ट्रीय टेलिफोनी में विदेश संचार निगम लिमिटेड के एकाधिकार को खत्म करते हुए अन्य कंपनियों को भी अंतरराष्ट्रीय टेलिफोनी के अधिकार दे दिए थे। 1999 में आई नई दूरसंचार नीति की बदौलत ही आज देश में डिजिटल क्रांति आई है। आज देश का हर व्यक्ति मुफ्त में कॉल और डाटा का इस्तेमाल कर रहा है।
रिलायंस के जन्म ने निभाई अहम भूमिका
अटल सरकार की ओर से नई टेलीकॉम नीति बनाए जाने के बाद कई प्राइवेट कंपनियों ने टेलीकॉम सेक्टर की ओर रूख किया। इनमें धीरुभाई अंबानी का रिलायंस ग्रुप प्रमुख रहा। रिलायंस ग्रुप ने 2002 में रिलायंस इन्फोकॉम कंपनी के जरिए टेलीकॉम सेक्टर में कदम रखा। टेलीकॉम सेक्टर में रिलायंस इन्फोकॉम के आने के बाद इस सेक्टर में क्रांति आ गई थी। रिलायंस इन्फोकॉम ने देश के हर परिवार को ध्यान में रखते हुए टेलीकॉम सेवा के अलावा मोबाइव फोन भी उपलब्ध कराए थे। रिलायंस ने सभी लोगों तक टेलीकॉम की पहुंच बनाने के लिए मात्र 500 रुपए में मोबाइल पेश किए थे। बाद में यह काफी प्रचलित हुए और लोगों तक मोबाइल पहुंचाने का श्रेय रिलायंस इन्फोकॉम को मिला। इसके बाद कई अन्य देसी-विदेशी कंपनियों ने भी इस सेक्टर में कदम रखा। आज भारत का टेलीकॉम सेक्टर हर रोज नई ऊंचाइयां छू रहा है।
Updated on:
16 Aug 2018 06:38 pm
Published on:
16 Aug 2018 12:54 pm
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