
GoAir Republic Day Offer 2018: delhi flights closes Air India
नई दिल्ली। समय पर उड़ान भरने, उड़ानें रद्द करने और यात्रियों की शिकायतों के मामलों में बड़ी एयरलाइंस में सबसे खराब प्रदर्शन के बीच सरकारी विमान सेवा कंपनी एयर इंडिया बाजार हिस्सेदारी के मामले में एक साल में पहली बार शीर्ष तीन से बाहर हुई है और उसके यात्रियों की संख्या घटकर 14 लाख से कम रह गई है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, एयर इंडिया की बाजार हिस्सेदारी सितंबर में घटकर 11.8 फीसदी रह गई और वह चौथे स्थान पर रही है। किफायती विमान सेवा कंपनी इंडिगो 43.2 फीसदी के साथ पहले, जेट एयरवेज 14.2 फीसदी के साथ दूसरे और स्पाइसजेट 12 फीसदी के साथ तीसरे स्थान पर रही।
हवाई यात्रियों का संख्या बढ़ने के बाद भी पिछड़ी एयर इंडिया
सितम्बर 2017 के बाद यह पहला मौका है जब स्पाइसजेट ने एयर इंडिया को पीछे छोड़कर बाजार हिस्सेदारी में तीसरा स्थान हासिल किया है। साथ ही अक्टूबर 2017 के बाद पहली बार सरकारी एयरलाइन के यात्रियों की संख्या 14 लाख से कम रही है। देश में विमानन क्षेत्र की तेज रफ्तार वृद्धि जारी है और सितम्बर में घरेलू मार्गों पर हवाई यात्रियों की संख्या 18.95 फीसदी बढ़कर एक करोड़ 13 लाख 98 हजार पर पहुंच गयी। पूरे कैलेंडर वर्ष के दौरान यह संख्या 20.94 फीसदी की वृद्धि के साथ 10 करोड़ 27 लाख 93 हजार पर रही। लेकिन, एयर इंडिया इस तेजी का लाभ नहीं उठा पा रही है और उसके यात्रियों की संख्या बाजार की तुलना में काफी धीमी गति से बढ़ रही है। यात्रियों को आकर्षित करने में कंपनी की विफलता का कारण सेवा के लगभग सभी पैमानों पर उसका फिसड्डी होना है।
समय पर उड़ान भरने में भी सबसे पीछे सरकारी कंपनी
यात्रियों की शिकायत, उड़ानों के रद्द होने और समय पर उड़ान भरने के मामलों में देश की बड़ी विमान सेवा कंपनियों में उसका प्रदर्शन सबसे खराब रहा है। देश के चार बड़े हवाई अड्डों दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद में समय पर उड़ान भरने मामले में एयर इंडया सबसे पीछे रही है। सितम्बर में उसकी मात्र 74.3 फीसदी उड़ानें समय पर रवाना हुई हैं। इस मामले में 90.4 फीसदी के साथ गोएयर पहले, 89.1 फीसदी के साथ स्पाइसजेट दूसरे और 87.6 फीसदी के साथ इंडिगो तीसरे स्थान पर रही।
ग्राहक सेवा में भी फिसड्डी रही कंपनी
सितंबर में प्रति एक लाख यात्री पर 5.9 शिकायतें आईं। इनमें बड़ी विमान सेवा कंपनियों में एयर इंडिया के खिलाफ प्रति एक लाख यात्री सर्वाधिक 16 शिकायतें आई हैं। प्रति एक लाख यात्री जेट एयरवेज और जेट लाइट के खिलाफ 12 और ट्रूजेट के खिलाफ छह शिकायतें आई हैं। सितम्बर में यात्रियों की शिकायतों का सबसे बड़ा कारण ग्राहक सेवा रही। कुल शिकायतों में 27.5 फीसदी इस मद में आई हैं। बैगेज को लेकर 26 फीसदी और उड़ान संबंधी समस्याओं को लेकर 24.7 फीसदी शिकायतें मिली हैं। उड़ानें रद्द करने के मामले में भी बड़ी एयरलाइन में एयर इंडिया का प्रदर्शन सबसे खराब रहा। उसकी 1.85 फीसदी उड़ानें रद्द हुई हैं। जेट लाइट की 1.55 फीसदी, एयर एशिया की 0.66 फीसदी और स्पाइसजेट की 0.39 फीसदी उड़ानें रद्द रहीं। इस मामले में 0.06 फीसदी के साथ विस्तारा का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा।
Published on:
03 Nov 2018 06:07 pm
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