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जीएसटी और बेहतर मानसून से ऑटो सेक्टर गुलजार

1 जुलाई को जीएसटी लागू होने के बाद से ऑटो सेक्टर के सेटीमेंट्स पॉ़जिटिव हुए हैं। वही मानसून के बेहतर अनुमान से इस सेक्टर में ग्रोथ की उम्मीद और बढ़ा दी है। जीएसटी लागू होने के बाद से टाटा, मारुति समेत कई कंपनियां लगातार कीमतों में कटौती कर रही हैं।

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Manish Ranjan

Jul 05, 2017

Auto sector boosts

Auto sector boosts

नई दिल्ली। 1 जुलाई को जीएसटी लागू होने के बाद से ऑटो सेक्टर के सेटीमेंट्स पॉ़जिटिव हुए हैं। वही मानसून के बेहतर अनुमान से इस सेक्टर में ग्रोथ की उम्मीद और बढ़ा दी है। जीएसटी लागू होने के बाद से टाटा, मारुति समेत कई कंपनियां लगातार कीमतों में कटौती कर रही हैं। जिसका फायदा ग्राहकों को तो मिल ही रहा साथ- साथ कंपनियों के वाल्युम में भी इजाफा हो रहा है। दरअसल इन कंपनियों के वाहनों के दाम घटाने से डिमांड में तेज ग्रोथ दर्ज की जा रही है। वहीं जून महीनें के बिक्री आंकड़ों ने भी इन कंपनियों के स्टॉक्स में ग्रोथ दर्ज कराई है। जानकार मान रहे हैं कि बेहतर मानसून और कीमतों में कटौती जैसे संकेतों से साफ है कि जल्द ही आटो सेक्टर में मांग में तेजी देखने को मिल सकती है। ऑटो इंडेक्स की बात करें तो बुधवार को टाटा मोटर्स और महिंद्रा स्टॉक्स में शानदार तेजी देखने को मिली।


आगे भी बेहतर संकेत
ऑटो कंपनियों के जून के आंकड़ों के बाद अब ऑटो सेक्टर को बेहतर मानसून से बूस्ट मिलने की उम्मीद है। ऑटो एक्सपर्ट्स मानते है कि जीएसटी का लॉजिस्टिक सेक्टर पर पॉजिटिव असर होने से कमर्शियल व्हीकल की मांग को सहारा मिलेगा। इस साल मानसून भी अच्छा जा रहा है, ऐसे में आने वाले समय में ग्रामीण इलाकों से भी मांग बढ़ने का अनुमान है। यानि आने वाले समय में ऑटो सेक्टर में ग्रोथ देखने को मिल सकती है। इसके साथ ही मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट में भी कहा गया है कि मध्यम अवधि में ग्रामीण इलाकों के सहारे टू-व्हीलर वॉल्यूम में बढ़त देखने को मिलेगी। वहीं अक्टूबर के बाद से कमर्शियल व्हीकल वॉल्यूम में स्थिर ग्रोथ का अनुमान है।


अनिश्चितता का दौर खत्म होने की उम्मीद
जून में ऑटो सेक्टर के सेल्स आंकड़े मिले जुले रहे हैं। मारुति की बिक्री सुस्त रही है। वहीं टोयोटा, ह्युंदई और एमएंडएम की सेल्स पर भी दबाव देखने को मिला। वहीं बजाज ऑटो की सेल्स 23 फीसदी गिरी है। दूसरी तरफ अशोक लेलैंड की सेल्स में 11 फीसदी की बढ़त दर्ज हुई है। हालांकि कंपनियां पहले ही अनुमान लगा चुकी थीं कि जून के महीने में जीएसटी को लेकर जारी अनिश्चितता का सेल्स पर असर पड़ेगा। मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट में टोयटा किर्लोस्कर ने कमेंट दिया कि जीएसटी की अनिश्चितता की वजह से जून के आंकड़ें मिले-जुले रहे है कि लेकिन अब जीएसटी के स्थति साफ होने के बाद इस सेक्टर में अनिश्चितता के दौर खत्म होने की उम्मीद बढ़ गई है।


स्टॉक्स में तेजी
जीएसटी के बाद ऑटो इंडेक्स में तेजी बनी हुई है। पिछले पांच कारोबारी सत्र में ऑटो स्टॉक्स ने बेहतर प्रदर्शन किया है। च्वॉइस ब्रोकिंग के मुताबिक ऑटो सेक्टर में अच्छा उछाल देखने को मिल रहा है। ऑटो सेक्टर में यहां से और भी तेजी बनेगी और आने वाले समय में पूरे ऑटो सेक्टर में मजबूती रहने की उम्मीद है।


इन कंपनियों को मिलेगा फायदा
ऑटो सेक्टर में मजबूती का फायदा टाटा मोटर्स, मारुति सुजूकी, अमारा राजा बैटरीज, बजाज ऑटो और टीवीएस मोटर्स जैसी कंपनियों को सबसे ज्यादा मिलेगा। वहीं अच्छे मानसून की वजह ट्रैक्टर्स की डिमांड बढ़ने के अनुमान और पैसेंजर व्हीकल्स में स्थिर ग्रोथ की वजह से व्हील्स की वॉल्यूम बेहतर रह सकती है।