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GST Council Meeting – एक अप्रैल से लागू होगा र्इ-वे बिल

वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में हाेने वाली 26वी बैठक में जीएसटी काउंसिल ने कारोबारियों को रिवर्स चार्ज को टालने को फैसला लिया है.

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नर्इ दिल्ली. आज (शनिवार) वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में हाेने वाली 26वी बैठक में जीएसटी काउंसिल ने कारोबारियों को रिवर्स चार्ज को टालने को फैसला लिया है. इसके साथ ही काउंसिल ने ये भी फैसला लिया है इंटर स्टेट(एक राज्य से दूसरे राज्य) र्इ-वे बिल को एक अप्रैल से लागू होगा जबकि इंट्रा स्टेट (एक ही राज्य के अंदर) ई-वे बिल को भी 15 अप्रैल से लागू किया जाएगा. हालांकि आज के बैठक में रिटर्न को आसान बनाने के लिए कोर्इ भी फैसला नहीं लिया गया हैं. अाज के बैठक में र्इ-वे बिल की तैयारियों की भी समीक्षा किया गया. जिसके बाद काउंसिल ने इसे लागू करने का तारीख तय की. आपको बता दें कि में इंट्रा स्टेट ई-वे बिल केवल केरल, कर्नाटक अौर तमिलनाडू में ही 15 अप्रैल से लागू किया जाएगा. इंटर स्टेट र्इ-वे बिल को चरणबद्ध तरीके से राज्यों में लागू किया जाएगा.

रियल स्टेट पर अभी नहीं जीएसटी का साया

काउंसिल ने रियल स्टेट आैर रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म पर कोर्इ फैसला नहीं लिया हैं. काउंसिल ने इसे एक जुलार्इ तक के लिए टाल दिया है. हालांकि इसके टाले जाने के लिए कोर्इ स्पष्ट कारण नहीं बताया गया हैं. गुडस एंड सर्विस टैक्स के अंतर्गत आने वाले रिटर्न जीएसटीआर-3बी को भी जुलार्इ में ही पेश किया जाएगा. जिसके बाद से अंतिम रिटर्न जीएसटीआर 1,2 आैर 3 लागू किया जाएगा. इसका मकसद रिटर्न प्रकिया को आसान बनाने का है.


एक्सपोर्टर्स को 6 माह की मिली छूट

काउंसिल ने एक आैर महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए एक्सपोर्टर्स को मिल रही छूट को 6 माह के लिए आैर आगे बढ़ा दिया है. आपको बता दें कि, जीएसटी काउंसिल की इस र्इ-वे बिल के फैसले के बाद अब 50 हजार रुपए से अधिक के माल को एक राज्य से दूसरे राज्य के अंदर 50 किलोमीटर से अधिक दूरी तक ले जाने के लिए आपके भुगतान करना होगा. ये इलेक्ट्रॉनिक होगा जिसे र्इ-वे बिल कहा जाएगा. ये जीएसटीएन नेटवर्क के अंतर्गत आएगा.