मुंबई। टाटा समूह और समूह के अपदस्थ अध्यक्ष साइरस मिस्त्री के बीच आरोप-प्रत्यारोप में टाटा समूह ने आज कहा है कि साइरस मिस्त्री ने वर्ष 2011 में कार्यकारी उपाध्यक्ष रिपीट कार्यकारी उपाध्यक्ष पद के लिए चयन के दौरान चयन समिति को गुमराह किया था। समूह ने आज जारी विज्ञप्ति में कहा है साइरस मिस्त्री ने वर्ष 2011 में चयन के दौरान टाटा समूह के बारे में अपनी योजनाएं बताते हुये बढ़चढ़ कर बातें कीं और टाटा समूह के प्रबंधन के लिए विस्तृत प्रबंधन ढांचे के संकेत दिये। उनके चयन में इन बयानों और दिखायी गयी प्रतिबद्धताओं की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही। चार साल तक अध्यक्ष पद पर रहने के बाद भी उन्होंने इसमें से किसी भी योजना या प्रबंधन ढांचे को मूर्त रूप नहीं दिया। स्पष्टत:, हमारी राय में, मिस्त्री ने चयन प्रक्रिया में चयन समिति को गुमराह किया।