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नई दिल्ली। सूचना प्रौद्योगिकी एवं सेवा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी इंफोसिस लिमिटेड का सकल शुद्ध मुनाफा 31 मार्च को समाप्त वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में 16.14 प्रतिशत बढ़कर 3597 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। इसके पिछले वित्त वर्ष में उसे 3097 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। कंपनी ने शुक्रवार को जारी बयान में बताया कि वित्त वर्ष 2015-16 की जनवरी-मार्च तिमाही में उसके सकल राजस्व में 23.41 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह वित्त वर्ष 2014-15 की चौथी तिमाही के 13411 करोड़ रुपए से बढ़कर 16550 करोड़ रुपए पर पहुंच गया।
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डॉ. विशाल सिक्का ने कहा कि इंफोसिस के सीईओ पद पर काम करते हुए मेरे पहले वित्त वर्ष के दौरान कंपनी ने उपलब्धि हासिल की है उस पर मुझे गर्व है। वित्त वर्ष 2015-16 में हमने कंपनी में भारी बदलाव की रणनीति के साथ काम करना शुरू किया। इसकी बदौलत पूरे वित्त वर्ष के दौरान हम अपने क्लाइंटों को नवाचारी उत्पाद एवं सेवा उपलब्ध कराने में सक्षम हुए, यह मजबूत तिमाही एवं वार्षिक परिणाम के रूप में फलीभूत हुआ।
उन्होंने कहा कि हमारे भविष्य की दुनिया पूरी तरह से भिन्न होगी। इसे डिजिटल प्रौद्योगिकी से नया आकार मिलेगा। हमारे प्रयत्नों की बदौलत प्रौद्योगिकी और सॉल्युशन के जरिए अपने प्रत्येक कारोबार का मूल्यांकन बढ़ाने में सक्षम हो सकेंगे। इस सफर की शुरूआत करने को लेकर हम खासे उत्साहित हैं।
इंफोसिस को डॉलर के संदर्भ में चालू वित्त वर्ष की 31 मार्च को समाप्त चौथी तिमाही में 53.3 करोड़ डॉलर का सकल शुद्ध मुनाफा हुआ, यह वित्त वर्ष 2014-15 की समान तिमाही के 49.8 करोड़ डॉलर के मुकाबले सात प्रतिशत अधिक है। इसी तरह उसके कुल राजस्व में 13.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह पहले के 215.9 करोड़ डॉलर से बढ़कर 244.6 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया। कंपनी ने बताया कि 31 मार्च को समाप्त वित्त वर्ष 2015-16 में उसका सकल शुद्ध मुनाफा 9.42 प्रतिशत की बढ़ोतरी लेकर 13491 करोड़ रुपए पर पहुंच गया, जबकि वित्त वर्ष 2014-15 में उसे 12329 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ हुआ था।
इस दौरान उसका राजस्व भी 53319 करोड़ रुपए के मुकाबले 17.11 प्रतिशत की बढ़त के साथ 62441 करोड़ रुपए रहा। वित्त वर्ष के दौरान डॉलर के संदर्भ में उसके शुद्ध मुनाफे में महज 1.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह पहले के 201.3 करोड़ डॉलर से बढ़कर 205.2 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया। इसी तरह उसका कुल राजस्व भी 871.1 करोड़ डॉलर के मुकाबले 9.1 फीसदी की बढ़त के साथ 950.1 करोड़ डॉलर पर रहा।
उसने कहा कि वित्त वर्ष 2015-16 में उत्तर अमेरिकी कारोबार से अर्जित राजस्व वित्त वर्ष 2014-15 के 61.5 फीसदी से बढ़कर 62.7 फीसदी पर पहुंच गया। वहीं, यूरोप में 24.1 प्रतिशत से घटकर 23 प्रतिशत, भारत में 2.4 प्रतिशत से बढ़कर 2.6 प्रतिशत जबकि अन्य देशों में 12 प्रतिशत से कम होकर 11.7 प्रतिशत रह गया। इंफोसिस ने कहा कि निदेशक मंडल की आज हुई बैठक में वित्त वर्ष 2015-16 के लिए 285 प्रतिशत अंतिम लाभांश की घोषणा की गई। शेयरधारकों को पांच रुपए अंकित मूल्य के शेयर पर 14.25 रुपए अंतिम लाभांश दिया जाएगा।
Published on:
15 Apr 2016 03:54 pm
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