
अब TCS, Wipro और InfoSys से मुकाबला करेंगे मुकेश अंबानी, बना डाली सॉफ्टवेयर कंपनी
नई दिल्ली। टेलीकॉम सेक्टर में जबरदस्त सफलता हासिल करने के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुखिया मुकेश अंबानी ने अब सॉफ्टवेयर बनाने के क्षेत्र में अपना कदम रख दिया है। इसके लिए रिलायंस ने जियो एस्टोनिया ओयू नाम की कंपनी का गठन किया है। इस कंपनी ने सबसे पहले यूरोप में सॉफ्टवेयर विकास कारोबार में कदम रखा है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की ओर से बीएसई को दी गई सूचना में नई कंपनी की जानकारी दी गई है। नई कंपनी जियो एस्टोनिया ओयू रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की सहायक कंपनी होगी। माना जा रहा है कि भारत में सॉफ्टवेयर क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों TCS, Wipro और InfoSys जैसी कंपनियों से टक्कर लेने के लिए मुकेश अंबानी ने इस कंपनी का गठन किया है।
आरआईआईएचएल के पास होगा नई कंपनी का स्वामित्व
बीएसई को दी गई जानकारी में कहा गया है कि आरआईएल की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज इंवेस्टमेंट एंड होल्डिंग्स लिमिटेड (आरआईआईएचएल) की ओर से 22 नवंबर, 2018 को एस्टोनियो में जियो एस्टोनियो ओयू नाम से कंपनी का गठन किया गया है। नियामक को दी गई सूचना में कहा गया है कि जियो एस्टोनियो ओयू का पूर्ण स्वामित्व और देनदारी आरआईआईएचएल के पास रहेगी। जियो एस्टोनिया ओयू रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और उसकी सहायक कंपनियों के लिए प्रौद्योगिकी से जुड़ी पहलों के लिए सॉफ्टवेयर का विकास करेगी और परामर्श देगी।
इसी साल ली थी एस्टोनिया की ई-रेजीडेंसी
दरअसल यूरोप के देश एस्टोनिया की ओर से 1 दिसंबर 2014 को ई-रेजीडेंसी प्रोग्राम शुरू किया गया था। इस प्रोग्राम के तहत गैर एस्टोनिया के लोगों को एस्टोनिया की बैंकिंग, कंपनी खोलने, पेमेंट प्रोसेस और टैक्सेसन का लाभ मिलता है। इस प्रोग्राम के तहत लोगों को एक ई-रेजीडेंट स्मार्ट कार्ड मिलता है जो डॉक्यूमेंट को साइन करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इस साल मई में ही मुकेश अंबानी ने एस्टोनिय की ई-रेजीडेंसी ली थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस साल अब तक करीब 2000 भारतीय एस्टोनिया की ई रेजीडेंसी ले चुके हैं।
Published on:
24 Nov 2018 06:31 pm
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