आरबीआई ने जांच के बाद आरोपों को सही पाया और इस संबंध में बैंक से जवाब मांगा। दस्तावेजी सबूतों तथा तथ्यों के आधार पर बैंक पर जुर्माना लगाने का फैसला किया गया। बैंक ने बताया कि जांच के दौरान पाया गया कि उक्त शाखा चालू खाता खोलने और बिल डिस्काउंङ्क्षटग में नियमों के उल्लंघन के साथ ऐसे ग्राहकों को भी बिल डिस्काउंङ्क्षटग की सुविधा दे रहा है, जो इसके पात्र नहीं हैं। इस सुविधा के तहत एक उद्यमी अपने क्लाइंटों के बकाये का बिल बैंक में जमा कराकर उसके बदले बैंक से नकद भुगतान प्राप्त कर लेता है। इसके बाद क्लाइंट उद्यमी की बजाय बिल की तय तिथि पर बैंक को बिल की राशि का भुगतान करता है।