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क्या इस साल होगा Salary Increment, जानिए क्या कहता है KPMG Survey?

KPMG Survey के अनुसार देश की 70 फीसदी कंपनियां नहीं करने वाली जूनियर कर्मचारियों का Increment दुनिया की 50 फीसदी कंपनियों ने अपने Salary Increment Budget में नहीं किया है किसी तरह का बदलाव

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Saurabh Sharma

May 05, 2020

Salary Increment

Salary Hike Budget Companies Keeping Unchanged Amid Corona Lockdown

नई दिल्ली। कोरोना वायरस लॉकडाउन ( coronavirus Lockdown ) का दुनिया के हर देश, कंपनी और उसमें काम करने वाले इंप्लाई पर देखने को मिल रहा है। इस बार नौकरी पर कार्यरत कर्मचारी किसी भी तरह के सैलरी इंक्रीमेंट ( Salary Increment ) के बारे में नहीं सोच रहे हैं। वैसे एफएमसीजी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर की कंपनियों ने अपने कर्मचारियों की सैलरी में इजाफा किया है। इसी को लेकर दुनिया की जानी मानी कंपनी केपीएमजी ( KPMG Survey ) ने सैलरी हाइक को लेकर 'कटिंग थ्रू क्राइसिस' नामक इस सर्वे किया है। सर्वे के तहत भारत में 70 फीसदी कंपनियां जूनियर कर्मचारियों के वेतन में किसी तरह के बदलाव के बारे में नहीं सोच रहे हैं। वहीं दुनिया की 50 फीसदी कंपनियों ने सैलरी इंक्रीमेंट बजट में किसी तरह के बदलाव की बात नहीं की है। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर केपीएमजी की ओर से किस तरह का सर्वे जारी किया गया है।

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केपीएमजी की ओर जारी किए गए हैं आंकड़े
- केपीएमजी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार दुनिया की 50 फीसदी कंपनियों ने सैलरी हाइक बजट में कोई बदलाव नहीं किया।
- 36 फीसदी कंपनियों ने सैलरी हाइक बजट को कम कर लिया है।
भारत की 70 फीसदी कंपनियों ने नॉन मैनेजमेंट और जूनियर मैनेजमेंट लेवल के कर्मचारियों के वेतन में कोई बदलाव ना लिया निर्णय।
- 66 फीसदी कंपनियों ने नई हायरिंग पर रोक लगाने का फैसला किया है।
- कंपनियों कुछ वेजेस में रोक लगाने पर विचार कर रही हैं।
- कई कंपनियां ऐसी हैं जो इसलिए वर्क फ्रॉम की सुविधा दे रही हैं ताकि खर्चों में कमी की जा सके।
- रिपोर्ट के अनुसार 50 फीसदी कंपनियों ने अपने प्रमोशन शेड्यूल को फिलहाल के लिए कैंसिल कर दिए हैं।
- रिपोर्ट के अनुसार कोरोना वायरस का संकट बने रहने पर आने वाले दिनों में 22 फीसदी संस्थान भत्तों में कटौती कर सकते हैं।

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केपीएमजी ओर से आया बयान
सर्वे रिपोर्ट पर केपीएमजी की हेड वैशाली डोंग्रेई के अनुसार कोरोना वायरस ने दुनिया में अचानत से हमला किया है कि जिसकी वजह से प्रत्येक कंपनी पर संकट देखने को मिल रहा है। सभी कंपनियों की स्थिति एक जैसी ही देखने को मिल रही है। दुनिया की सभी कंपनियों की ओर से लिक्विडिटी बढ़ाने की कोशिश कर रही है। साथ ही इस बात की भी कोशिश की जा रही है कि कामकाज में लचीलापन लाया जा सके। वैसे कंपनियों कर यह भी कहना है कि कोरोना संकट खत्म होने के बाद हालात सामान्य हो जाएंगे।

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