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“सन ग्रुप” को मिली एफएम नीलामी में भाग लेने की अनुमति

ग्रुप ने भारतीय टेलीग्राफ एक्ट और लाइसेंस की सेवा एवं शर्तो का सहारा लेकर उच्च न्यायालय से राहत की मांग की

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Amanpreet Kaur

Jul 23, 2015

Sun Pharma

Sun Pharma

चेन्नई। मद्रास उच्च न्यायालय ने एफएम प्रसारण के
लाइसेंस की नीलामी में भाग लेने पर तमिलनाडु के मारन बंधुओं के स्वामित्व वाले "सन
ग्रुप" पर लगाई गई रोक को हटाते हुए उसके पक्ष में नीलामी में शामिल होने के अंतरिम
आदेश दिया। न्यायमूर्ति एम सत्यनारायणन ने सन ग्रुप की ओर से पेश याचिका पर सुनवाई
के बाद यह अंतरिम आदेश दिया। सन ग्रुप ने नीलामी में शामिल होने पर सिक्यूरिटी
क्लीयरेंस दिए जाने से इंकार करते हुए केंद्र सरकार ने उसके नीलामी में हिस्सा लेने
पर रोक लगाई थी।


सन ग्रुप ने केंद्र के इस आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती
दी थी। हालांकि न्यायालय ने यह स्पष्ट किया है कि यह केवल अंतरिम आदेश है और अंतिम
फैसला सन टीवी नेटवर्क, केएएल रेडियो, साउथ एशिया एफएम और इसके शेयर होल्डरों की
याचिकाओं पर सुनवाई के बाद लिया जाएगा। गत 16 जुलाई तक सन ग्रुप देश भर में करीब 45
एफएम स्टेशन संचालित कर रहा था, लेकिन बाद में उसे जानकारी दी गई कि राष्ट्रीय
सुरक्षा के आधार पर उसे नीलामी में भाग नहीं लेने दिया जाएगा। सन ग्रुप ने अपनी
याचिका में कहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर एफएम की नीलामी पर रोक लगा
दी गई है।


ग्रुप ने भारतीय टेलीग्राफ एक्ट और लाइसेंस की सेवा एवं शर्तो का
सहारा लेकर उच्च न्यायालय से राहत की मांग की। दूसरी तरफ केंद्र सरकार ने यह कहकर
अपने आदेश का बचाव किया है कि सन ग्रुप के मालिक दयानिधि मारन एवं कलानिधि मारन के
खिलाफ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं और इसी कारण उन्हें सिक्योरिटी क्लीयरेंस नहीं
दी गई है। सन टीवी नेटवर्क की ओर से प्रबंध निदेशक के विजय कुमार ने अपनी याचिका
में मुख्य याचिका का निपटारा होने तक एफएम रेडियो का स्टेशनों से प्रसारण पर किसी
प्रकार का हस्तक्षेप न किए जाने के लिए प्रशासन को अंतरिम आदेश जारी जाने की मांग
की है।

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