
स्विगी आैर फ्रीचार्ज को महंगा पड़ा पृथ्वी शाॅ को बधार्इ देना, अब देने होंगे एक-एक करोड़
नर्इ दिल्ली। वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने पहले टेस्ट में शतक बनाने के बाद उन्हें अभी तक ढेरों बधार्इ मिल रही है। यह बधार्इ सिर्फ क्रिकेट फैंस ही नहीं बल्कि काॅरपोरेट ग्रुप आैर कंपनियों से भी मिल रही हैं। एेसी ही दो कंपनियों को बधार्इ देना महंगा पड़ गया है। अब दोनों कंपनियों को पृथ्वी की आेर से एक-एक करोड़ रुपए का कानूनी नोटिस भेजा गया है। वास्तव में यह दोनों कंपनियां स्विगी आैर फ्रीचार्ज हैं। कंपनियों पर आरोप है कि उन्होंने अपने आॅफिशियल ट्वीटर हैंडल पर पृथ्वी की फोटो पर क्रिएटिव्स का इस्तेमाल किया है।
यह है कंपनियों पर आरोप
स्विगी और फ्रीचार्ज जैसी स्टार्टअप्स को शॉ के लिए प्रफेशनल मैनेजमेंट का काम करने वाली स्पोर्ट्स मार्केटिंग कंपनी बेसलाइन वेंचर्स की तरफ से गैरकानूनी गतिविधियां रोकने का कानूनी नोटिस भेजा गया है और दोनों से एक-एक करोड़ रुपए का मुआवजा मांगा गया है। बेसलाइन का आरोप है कि इन दोनों कंपनियों ने अपने ऑफिशिल ट्विटर हैंडल पर किए गए ट्वीट में शॉ के नाम के साथ क्रिएटिव्स का इस्तेमाल किया है। र्इटी की खबर के अनुसार दोनों कंपनियां बेसलाइन से इजाजत लिए बिना उस प्लेयर के नाम और शोहरत को भुना रही हैं। प्लेयर के नाम का इस्तेमाल करना बेसलाइन के एक्सक्लूसिव राइट्स का उल्लंघन और ट्रेडमार्क्स एक्ट 1996 का उल्लंघन है।
आैर कंपनियों पर भी होगी कार्रवार्इ
बेसलाइन वेंचर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर तुहिन मिश्रा ने कहा कि यह एेसा करना सिर्फ पृथ्वी के साथ ही नहीं बल्कि उन तमाम स्पॉन्सर्स के साथ गलत होगा जो पृथ्वी के साथ जुड़ने के लिए रुपए देते हैं। साथ नियमों काे भी फाॅलो करते हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी उन कंपनियों को भी कार्रवार्इ के दायरे में लेकर आएगी जो इस तरह की एंबुश मार्केटिंग कर रही हैं।
किस तरह के किए ट्वीट
र्इटी को दिए बयान में स्विगी ने कहा कि कंपनी को नोटिस मिला है और उनकी लीगल टीम उस पर गौर कर रही है। दूसरी पार्टी ने पूरे नोटिस में अपने क्लाइंट के किसी ट्रेडमार्क राइट का जिक्र नहीं किया है। हमारा मानना है कि नोटिस गलत तथ्यों के आधार पर भेजा गया है और उसमें किसी नियम का उल्लंघन का मामला नहीं बनता है। यह कंपनी की आेर से साफ मन से उठाया गया कदम था। वहीं दूसरी आेर फ्रीचार्ज की आेर से इस मामले में कोर्इ कमेंट नहीं आसा है।
Published on:
08 Oct 2018 10:29 am
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