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दिसंबर तक एक अरब हो जाएगा UPI से लेनदेन की संख्या: नंदन नीलेकणी

दिसंबर 2018 के अंत तक देश के यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) से होने वाले लेनदेन की संख्या एक अरब तक हो जाएगी।

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Nandan Nilekani

नर्इ दिल्ली। दिसंबर 2018 के अंत तक देश के यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) से होने वाले लेनदेन की संख्या एक अरब तक हो जाएगी। ये कहना है UIPDAI के पूर्व चेयरमैन नंदन नीलेकणी का। नीलेकणी ने कोटक महिन्द्रा के तरफ से आयोजित एक प्रेस काॅन्फ्रेंस के दौरान कहा कि, हम देख सकते हैं कि पेटीएम, फोनपे, व्हाट्सएप जैसे सभी बड़े मोबाइल पेमेंट प्लेटफाॅर्म UPI के तहत आ रहे हैं। मेरा खुद का माननाह है कि इस साल के अंत तक UPI प्लेटफाॅर्म के तहत लेनदेन करने वालों की संख्या बढ़कर 1 अरब तक बढ़कर भारत में अब तक का सबसे बड़ा डीजिटल पेमेंटी सिस्टम हो जाएगा।


UPI उपयोगकर्ताआें की संख्या में भारी बढ़ोतरी

UPI को अगस्त 2016 में लाॅन्च किया गया था। केन्द्र सरकार द्वारा किए नोटबंदी आैर 2016 में ही BHIM एेप के लाॅन्च होने के बाद से UPI को बड़ा बूस्ट मिला था। अगस्त 2016 से लेकर फरवरी 2018 तक UPI का प्रयोग करने वालों की संख्य 93,000 से बढ़कर 171.4 मिलियन हो गया है।


अलग है UPI सिस्टम

नीलेकणी ने इस बात के तरफ भी इशारा किया कि, भारत में होने वाले डीजिटल पेमेंट पश्चिम देशों की तुलना में काफी अलग होगा। पश्चिम में डीजिटल पेमेंट कार्ड से शुरु हुआ आैर फिर आॅनलाइन पेमेंट की तरफ बढ़ा। इसमें Peer to Peer(P2P) का कोर्इ भी स्थान नहीं दिखी। वहीं UPI में ये P2P माध्यम से शुरू हुआ है। इसके बाद ये आॅनलाइन के तरफ रुख किया है। अब ये व्यक्ति से व्यापारी के तरफ जाएगा। आैर इस तरह UPI पश्चिम देशों से बिल्कूल अलग है।


अगला वर्जन लाॅन्च होने के बाद अभी आैर बढ़ेंगे लेनदेन

उन्होने आगे कहा कि, मर्चेंट लेनदेन की संख्या में आैर बढ़ोतरी होगी जब UPI कुछ आैर एडेड फीचर्स के साथ UPI 2.0 वर्जन लाॅन्च करेगा। इनमें से एक उपयोगकर्ता को लेनदेन के लिए इलेक्ट्रॉनिक जनादेश देना होगा जैसे कि व्यवस्थित निवेश योजना(SIP) किश्तों के नियमित भुगतान से संबंधित या प्रत्येक कैब सवारी के लिए बिल पर आधारित कैब एग्रीगेटर्स को स्वचालित भुगतान करने के लिए।