इन कंपनियों में जल्द ही खत्म होने वाला है वर्क फ्रॉम होम, ये रही लिस्ट

कोरोना महामारी के दौरान दुनिया की ज्यादातर कंपनियों ने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की छूट दी। हालांकि अब तेजी से होते वैक्सीनेशन और कम होते कोरोना केस देखते हुए कंपनियां वापस दफ्तर खोलने की तैयारी में हैं।

नई दिल्ली। भारत में कोविड-19 के मामलों में कमी, टीकाकरण की रफ्तार में तेजी, सामूहिक रूप से बाजार में और कॉरपोरेट जगत में भी अच्छे माहौल को बढ़ाने में कामयाब रही। कम होते कोरोना मामलों के साथ, कॉरपोरेट जगत कर्मचारियों को वापस दफ्तर में बुलाने के लिए पूरी ताकत से कमर कस रहा है। यानी वर्क फ्रॉम होम का कॉन्सेप्ट खत्म होने जा रहा है। दूसरी ओर, नेस्ले इंडिया, टाटा कंज्यूमर, एमवे, डाबर, गोदरेज कंज्यूमर जैसी कुछ टॉप कंपनियों ने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम, वर्क फ्रॉम ऑफिस और हाइब्रिड मॉडल के बीच चुनाव करने का विकल्प देने का फैसला किया है। कंपनियों ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है जब कंपनियों के ज्यादातर कर्मचारियों का टीकाकरण हो चुका है।

कुछ दिनों पहले, टीसीएस के सीईओ राजेश गोपीनाथन ने ऐलान किया था कि कंपनी अपने 90 प्रतिशत कर्मचारियों को साल के अंत या 2022 की शुरुआत तक वापस दफ्तर में बुलाने की योजना बना रही है। हालांकि, टीसीएस ने घोषणा की थी कि कंपनी 2025 तक अपने 25 प्रतिशत कर्मचारियों को इसके 25*25 मॉडल के तहत घर से काम करने के लिए अनुमति देगी। हालांकि, विप्रो, इंफोसिस जैसी अन्य आईटी फर्म भी इसी रास्ते पर चल रही हैं।

लिंक्डइन के एक सर्वेक्षण के मुताबिक, अधिकांश भारतीय पेशेवरों का मानना है कि वर्क-लाइफ बैलेंस के लिए हाइब्रिड वर्क जरूरी है, क्योंकि यह मॉडल उन्हें अपने व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन के बीच सही संतुलन बनाने का मौका देगा। लिंक्डइन के "फ्यूचर ऑफ वर्क" स्टडी 2021 के मुताबिक, 10 में से 9 (86 फीसदी) उत्तरदाताओं का मानना है कि हाइब्रिड वर्क उनके वर्क-लाइफ बैलेंस को सकारात्मक रूप से प्रभावित करेगा।

TCS and Infosys
IMAGE CREDIT: patrika

डेलॉइट के एक सर्वेक्षण के अनुसार, 84 प्रतिशत भारतीयों के साथ तकरीबन सभी ये महसूस करते हैं कि अपने कार्यस्थलों पर वापस जाना सुरक्षित है और भारतीय भविष्य के प्रति सकारात्मक खर्च करने का इरादा रखने के साथ बेहतर दृष्टिकोण दिखा रहे हैं।

डेलॉइट के ग्लोबल स्टेट ऑफ कंज्यूमर ट्रैकर का नवीनतम मासिक विश्लेषण (वेव 220) देश में खपत में सुधार का संकेत देता है, जो कोविड-19 मामलों की घटती संख्या और एक बेहतर टीकाकरण अभियान से की मदद से हो पा रहा है।

टीसीएस, विप्रो, इंफोसिस जैसे आईटी दिग्गजों के अलावा, बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र की कुछ महत्वपूर्ण कंपनियों ने भी अपना इरादा और मॉडल स्पष्ट कर दिया है कि वे कैसे घर से काम खत्म करने की योजना बना रहे हैं और कैसे अपने कर्मचारियों को वापस कार्यालय में लाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक इस सूची में बड़ा नाम कोटक महिंद्रा बैंक है, जो इस साल के अंत तक अपने 90 प्रतिशत कर्मचारियों को कार्यालय में बुलाने की योजना बना रहा है।

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कोटक महिंद्रा बैंक के अलावा, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, यस बैंक, डेलॉइट भी अगले कुछ महीनों में 90 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ दफ्तर फिर से शुरू करने की योजना बना रहे हैं। निजी ऋणदाता कोटक महिंद्रा ने यह स्पष्ट किया कि बैंक दोनों टीकाकरण वाले 90 प्रतिशत कर्मचारियों को कार्यालय में वापस बुलाने की तैयारी कर रहा है।

वहीं, एचडीएफसी बैंक की प्रबंध निदेशक रेणू सूद कर्नाड के हवाले से इकॉनमिक टाइम्स ने लिखा, "आज की तारीख में, हमारे सभी कार्यालय संबंधित राज्य सरकारों द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप 100 प्रतिशत कर्मचारियों की की क्षमता पर काम कर रहे हैं। हमने गर्भवती माताओं, 1 वर्ष से कम उम्र के बच्चों वाली महिला कर्मचारियों, 65 वर्ष से अधिक आयु के कर्मचारियों, पहले से बीमारी वाले कर्मचारियों और शासन द्वारा घोषित किसी भी कंटेनमेंट जोन से आने वाले कर्मचारियों को घर से काम करना जारी रखने की अनुमति दी है।"

जबकि, आईटी दिग्गज विप्रो ने कहा है कि शीर्ष नेतृत्व वाले सभी कर्मचारी जिन्हें दोनों टीके लग चुके हैं, वे भारत में दफ्तर से काम करना शुरू करें। उन्होंने काम करने की हाइब्रिड स्टाइल को अपनाया है जिसमें टॉप लीडर सप्ताह में दो बार सोमवार और गुरुवार को काम कर रहे हैं।

अमित कुमार बाजपेयी
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