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Yes Bank Scam : ED की Rana Kapoor पर बड़ी कार्रवाई, 2203 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क

Rana Kapoor, DFHL के प्रमोटरों और अन्य की 2,203 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की ED ने गुरुवार को 3,700 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में यह कार्रवाई की
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Saurabh Sharma

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Updated: 9 Jul 2020, 8:07 PM IST

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नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय ( Enforcement Directorate ) ने धनशोधन रोकथाम अधिनियम ( Money Laundering Act ) के तहत यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर ( Yes Bank founder Rana Kapoor ), उनके परिवार, दीवान हाउसिंग फाइनेंस ( Dewan Housing Finance Ltd ) के प्रमोटरों और अन्य की 2,203 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है। अधिकारियों के मुताबिक, वित्तीय जांच एजेंसी ने गुरुवार को 3,700 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में यह कार्रवाई की है। इससे पहले ईडी ने कपूर, उनकी बेटी और डूइट अर्बन वेंचर्स (इंडिया) की प्रमोटर रोशनी कपूर, डीएचएफएल के कपिल आर. वधावन, धीरज आर. वधावन और अन्य संस्थाओं बिलीफ रियल्टर्स व आरकेडब्ल्यू डेवलपर्स के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था। कपूर की कुछ विदेशी संपत्तियां भी एजेंसी द्वारा फ्रीज की गई हैं।

आरोप-पत्र किया था दाखिल
यह कार्रवाई मार्च में केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा यह बैंक के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोपों का सामना कर रहे आरोपियों और अज्ञान संस्थाओं पर भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम सहित विभिन्न कानूनों के तहत दर्ज किए गए एक मामले के बाद की गई है। नौ मार्च को सीबीआई ने आरोपी के परिसरों की तलाशी ली थी। आठ मई को कपूर की गिरफ्तारी के दो महीने बाद मई की शुरुआत में ईडी ने मुंबई की विशेष अदालत के समक्ष अलग से आरोप-पत्र भी दाखिल किया था।

डीएचएफएल भी दागी
घोटाले में दागी डीएचएफएल के साथ जुड़ी एक फर्म द्वारा कपूर और उनके परिवार द्वारा नियंत्रित एक कंपनी को 600 करोड़ रुपये के भुगतान के आरोपों में ईडी अलग से जांच कर रही है। डीएचएफएल के संस्थापक कपिल वधावन और धीरज वधावन को अप्रैल में इसी मामले में सीबीआई ने एक हिल स्टेशन महाबलेश्वर से गिरफ्तार किया था। जांच शुरू होने के बाद से वे फरार थे।

सीबीआई के आरोप
सीबीआई ने आरोप लगाया कि यस बैंक ने डीएचएफएल में अल्पकालिक डिबेंचर में 3,700 करोड़ रुपये का निवेश किया, जिसके लिए वधावनों ने कपूर की बेटी के स्वामित्व वाले डूइट अर्बन वेंचर्स को ऋण के रूप में कपूर को 600 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। ईडी का आरोप है कि कपूर और उनके परिवार के सदस्यों तथा अन्य लोगों ने बैंक के जरिए बड़े कर्ज देने के लिए रिश्वत ली थी।