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13 साल की नाम्या से उनके शिक्षक भी पढ़ते हैं, सत्य नडेला कर चुके तारीफ

माइनक्राफ्ट कम्प्यूटर गेम का उपयोग कर उन्होंने पढ़ाई को बनाया और भी रोचक, अपने अध्यापकों की भी शिक्षक है नाम्या

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जयपुर

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Mohmad Imran

Sep 05, 2020

13 साल की नाम्या से उनके शिक्षक भी पढ़ते हैं, सत्य नडेला कर चुके तारीफ

13 साल की नाम्या से उनके शिक्षक भी पढ़ते हैं, सत्य नडेला कर चुके तारीफ,13 साल की नाम्या से उनके शिक्षक भी पढ़ते हैं, सत्य नडेला कर चुके तारीफ,13 साल की नाम्या से उनके शिक्षक भी पढ़ते हैं, सत्य नडेला कर चुके तारीफ

भारतीय युवाओं की प्रतिभा की दुनिया कायल है। ऐसी ही एक प्रतिभा है 13 साल की नाम्या जोशी। नाम्या ने कम्प्यूटर गेम का उपयोग कर कक्षा में सीखने की प्रक्रिया को इतना आसान बना दिया है कि अब उनके अध्यापक भी उनसे पढ़ते हैं। इस साल दिल्ली में आयोजित 'यंग इनोवेटर्स सम्मिट' में माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला (Microsoft CEO Satya Nadela) ने भी उनकी इस बेहतरीन लर्निंग तकनीक की तारीफ की। लुधियाना की आठवीं कक्षा में पढऩे वाली नाम्या को माइनक्राफ्ट कम्प्यूटर गेम में महारथ हासिल है। इस गेम में किसी भी चीज को वर्र्चुअल ब्लॉक से बाहर कर सकते हैं। उन्होंने इसी का उपयोग कर देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी सैकड़ों शिक्षकों को पढ़ाने के लिए इस गेम की तकनीक का उपयोग करना सिखाया है।

अपने होमवर्क तैयार किए
नाम्या ने इस गेम की तकनीक का इस्तेमाल कर सबसे पहले अपने स्कूल के ही होमवर्क और कुछ खास विषय तैयार किए। मिस्र की सभ्यता पर बनाया उनका प्रोग्राम इतना आकर्षक और सरल था कि उनके अध्यापकोंं ने पूरी कक्षा को पढ़ाने के लिए इसका इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं उन्होंने नाम्या को स्कूल के अन्य 104 छात्रों को पढ़ाने के लिए ऐसे ही दिलचस्प प्रोग्राम बनाने को कहा।

ऐसे मिली प्रेरणा
नाम्या ने बताया कि छठी कक्षा के दौरान उन्होंने देखा कुछ साथी छात्रों को पढऩे और समझने में परेशानी हो रही थी और वे दूसरे बच्चों की तरह तेजी से न सीख पाने के कारण निराश रहने लगे थे। तब मैंने माइनक्रॉफ्ट का पढ़ाई में उपयोग कर चीजों को इनोवेटिव तरीके से समझाने के लिए कुछ विषय तैयार किए। उनके बनाए ये प्रोग्राम छात्रों को आसानी से समझ आने लगे। इससे उन्हें और काम करने की प्रेरणा मिली। नाम्या ने इस गेम की तकनीक का इस्तेमाल कर सबसे पहले अपने स्कूल के ही होमवर्क और कुछ खास विषय तैयार किए।

नाम्या का सफर एक नजर में
-100 से ज्यादा अध्यापकों को सिखा चुकी हैं नाम्या अब तक दुनियाभर में
-माइनक्रॉफ्ट के एज्यूकेशन एडिशन फीचर का इस्तेमाल कर बनाती हैं लैसंस
-#एमएस एज्यूचैैट पर वे छात्रों की एम्बैसेडर भी हैं
-यहां वे अध्यापकों, अआईटटी निदेशकों और तकनीकी विशेषज्ञों से सीखती औैर सिखाती हैं
-वे केईओएस2019-फिनलैंड में आयोजित वैश्विक शैैक्षणिक सम्मेलन में वक्ता के तौर पर शामिल हो चुकी हैं
-2018 में उन्होंने नेशनल माइनक्रॉफ्ट प्रतियोगिता भी जीती है
-वे एसडीजी में भारत की छात्र एम्बैसेडर भी हैं