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हैकिंग स्कैम:आप भी इस्तेमाल करते हैं स्पोटीफाई तो सावधान! 3 लाख यूजर्स का डेटा हुआ हैक

हैकर्स ने यूजर्स के ईमेल एड्रेस, लॉग-इन और पासवर्ड जैसे महत्वपूर्ण डेटा सार्वजनिक किए

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जयपुर

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Mohmad Imran

Dec 03, 2020

हैकिंग स्कैम:आप भी इस्तेमाल करते हैं स्पोटीफाई तो सावधान! 3 लाख यूजर्स का डेटा हुआ हैक

हैकिंग स्कैम:आप भी इस्तेमाल करते हैं स्पोटीफाई तो सावधान! 3 लाख यूजर्स का डेटा हुआ हैक

अगर आपने भी अपने स्मार्टफोन में 'म्यूजिक ऐप स्पोटीफाई' (spotify) डाउनलोड कर रखा है तो जरा सावधान हो जाएं। दरअसल, हाल ही हैकर्स ने कम से कम 3 लाख स्पोटीफाई यूजर्स का निजी डेटा हैक (personal data hacked) कर लिया है। हैकर्स ने इन यूजर्स के लॉगिन आइडी, क्रेडेंशियल, ईमेल पते और पासवर्ड जैसे अन्य उपयोगी डेटा सार्वजनिक कर दिया। यह स्पोटीफाई के प्लेटफॉर्म पर हैकर्स का हुआ अबतक का सबसे बड़ा हमला है।

twitter) जैसे अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (social media platform) भी हमेशा हैकर्स के निशाने पर रहते हैं। स्पोटीफाई कंपनी के शुरू होने के 14 साल बाद से अब तक यह प्लेटफॉर्म म्यूजिक लवर्स के लिए एक प्रमुख संगीत स्ट्रीमिंग सर्विस के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। कंपनी का दावा है कि दुनिया भर में उसके 32 करोड़ (320 मिलियन) से भी ज्यादा उपयोगकर्ता हो गए हैं। यूजर्स की यही संख्या हैकर्स को डेटा के लालच में हैकिंग के लिए प्रेरित करती है। वीपीएन मेंटोर नाम की एक अन्य एजेंसी के निष्कर्षों के अनुसार, हैकर्स करीब 38 करोड़ से अधिक यूजर्स के रिकॉर्ड के साथ एक विशेष डेटाबेस को उजागर करने में सक्षम थे जो 3 से 3.5 लाख विभिन्न संदिग्ध स्पोटीफाई उपयोगकर्ताओं से जुड़े हुए थे। वहीं कंपनी का कहना है कि उसके पास अभी पुख्ता जानकारी नहीं है कि क्या वास्तव में किसी यूजर का खाता हैक किया गया है या नहीं।

यूजर को स्ट्रॉन्ग पासवर्ड का सुझाव भेजेगी
हैकर्स के खतरे से अपने निजी डेटा को सुरक्षित रखने और खुद के बचाव में कंपनी ने अब यूजर्स को पहले से ज्यादा स्ट्रॉन्ग पासवर्ड, एडं-टू-एंड एन्क्रिप्शन और टू-स्टेप वेरिफिकेशन जैसे ज्यादा सुरक्षित उपाय के सुझाव भेजने की तैयारी में है। यूजर्स को अपना पासवर्ड बदलने और रीसेट करने की सिफारिश भी मिल रही है। इसके अंतर्गत उपयोगकर्ताओं द्वारा अपना पुराना पासवर्ड बदलने के बाद, उन्हें फिर प्लेटफॉर्म पर 'हर जगह साइन आउट' करने का विकल्प दिया जाएगा जो उन्हें अवांछित या अज्ञात डिवाइसों से मुक्ति दिलाएगा। हालांकि, इस पूरे मुद्दे पर अभी कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका है कि क्या इस हैकिंग को भविष्य में स्थायी रूप से रोक दिया जाएगा या नहीं। फिलहाल, अभी भी उपयोगकर्ताओं के खातों की सुरक्षा उन्हीं के कंधों पर है।