
गूगल मैप ने वैगन में रखे 99 मोबाइल को बताया ट्रैफिक जाम
साइमन एक छोटी ट्रॉली में करीब 99 स्मार्टफोन लेकर अकेले ही बर्लिन की सड़कों पर निकले थे। वे हाथ से ट्रॉली को खींचते हुए गलियों और सड़कों पर घूमते रहे। गूगल मैप ने उस जगह के यातायात के बारे में पूर्वानुमान बताया कि साइमन वाला इलाके में इस समय जबरदस्त जाम की स्थिति बनी हुई है। जबकि साइमन जहां थे वह सड़क बिल्कुल खाली थी।
क्यों मिली गलत जानकारी
दरअसल गूगल मैप्स जैसी एप्लिकेशन सड़क पर हमारे साथ मौजूद स्मार्टफोन की लोकेशन और उसकी गति की निगरानी के माध्यम से रियल-टाइम ट्रैफिक डेटा आउटसोर्सिंग के जरिए प्रदान करती हैं। डेटा आउटसोर्सिंग करने वाली आर्स टेक्नीसिया कंपनी ने यह अनुमान लगाया कि इतने सारे फोन असल में उस जगह मौजूद होंगे क्योंकि ये चालक द्वारा ले जाए जा रहे हैं। 30 साल के साइमन वेकर्ट इसके जरिए यह दिखाना चाहते थे कि आधुनिक तकनीक का हमारे जीवन पर कितना व्यापक असर पड़ता है। साइमन का कहना है कि तकनीक हमें बेहतर बनाती है लेकिन ऐसी तकनीक का क्या लाभ जो हमें गलत सूचना दे।
तकनीक को सही इस्तेमाल करना भी ज़रूरी
यह इसलिए भी जरूरी है क्योंकि आज तकनीक ही हमारेक रोजमर्रा के जीवन को आकार और दिशा दे रही है। साइमन ने कहा कि 20 साल पहले स्मार्टफोन के आगमन के साथ ही गूगल मैप्स, एप्पल मैप्स और वेज ने तकनीक के माध्यम से समाज को आकार देने का काम किया है। लेकिन आज ऐप बाजार में प्रतिस्पर्धा के चलते इन ऐप्स ने जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। कुछ शोधकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने समग्र यातायात को और बदतर बना दिया है। अपनी वेबसाइट पर साइमन ने कहा कि ऐप ने मौलिक रूप से मैप के बारे में हमारी समझ बदल कर रख दी है। वे एक वास्तविक शहर में आभासी परिवर्तन का प्रतीक भर हैं। उन्होंने कहा कि 'गूगल मैप्स हैक्स' का उद्देश्य केवल लोगों की उस निर्भरता को तोडऩा है जो उन्होंने तकनीक और प्रौद्योगिकी पर बना रखी है।
फैक्ट फाइल
-15000 से अधिक बार रिट्वीट किया गया साइमन का ट्वीट
-35000 लाइक्स साझा किए गए थे उनके ट्विटर अकाउंट पर
Published on:
17 Feb 2020 07:07 pm
बड़ी खबरें
View Allटेक्नोलॉजी
ट्रेंडिंग
