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साल के अंत तक 90 करोड़ चीनी जुड़ेंगे 5जी नेटवर्क से

अमरीका के साथ 'युद्ध व्यापार' के मोर्चे पर लड़ रहा चीन अब 5जी नेटवर्क के जरिए तकनीक के मैदान में भी उसे पटखनी देना चाहता है। हाल ही चीन के संचार विभाग की ओर से 5जी नेटवर्क का परीक्षण किया गया है। इस परीक्षण के जरिए चीन स्वदेशी कंपनी हुवाई के अमरीका निकाले का भी बदला लेना चाहता है। चीन ने इस क्रांतिकारी तकनीक को अमरीका से पहले अपने देश में शुरू करने को अब अपनी नाक का सवाल बना लिया है।

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जयपुर

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Mohmad Imran

Nov 04, 2019

साल के अंत तक 90 करोड़ चीनी जुड़ेंगे 5जी नेटवर्क से

साल के अंत तक 90 करोड़ चीनी जुड़ेंगे 5जी नेटवर्क से

चीन में सरकार के अधीन तीन वायरलैस कंपनियां काम करती हैं-चाइना मोबाइल, चाइना यूनिकॉर्न और चाइना टेलिकॉम। इन तीनों के ज़रिये ही चीन ने बीते सप्ताह 5जी सब्सक्रिप्शन पैकेज का उद्घाटन किया है। तीनों फर्म सेवा शुल्क की बजाय नेटवर्क की गति के आधार पर चार्ज वसूलेंगी। 1 जीपीएस की उच्चतम गति का आनंद उठाने के लिए यूनिकॉर्न के ग्राहकों को मासिक 45 डॉलर यानि करीब 3100 रुपए खर्च करने होंगे। चीन के तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि अब तक इस सेवा के लिए चीन में 1 करोड़ उपभोक्ताओं ने आवेदन किया है।

यहां पहले ही शुरू हो चुका 5जी
चीन इस सुपरस्पीड नेटवर्क वाली इंटरनेट सेवा को शुरू करने वाला पहला देश नहीं है। उससे पहले दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और अमरीका के कुछ शहरों में 5जी आधारित वायरलैस मोबाइल नेटवर्क की सेवाएं व्यवसायिक रूप से शुरू की जा चुकी हैं। चीन की राजधानी बीजिंग में वर्तमान में 13 हजार से ज्यादा बेस स्टेशन हें जिन्हें 5जी नेटवर्क के लिए अपग्रेड किया गया है। इनमें से 10 हजार पहले से ही काम कर रहे हैं। यह नेटवर्क बीजिंग, शंघाई, हांगझू और गुआंगझू शहरों में इस साल के अंत तक शुरू हो जाएगी।

चीन की सबसे बड़ी मोबाइल नेटवर्क प्रदाता कंपनी चाइना मोबाइल का दावा है कि वह साल के अंत तक देश के 50 शहरों में 90 करोड़ से ज्यादा उपभोक्ताओं से इस सेवा से जोड़ लेगी। चाइना अकेडमी के अनुमान के अनुसार 2020 से 2025 के बीच चीन ५जी नेटवर्क पर 13 हजार करोड़ से 21700 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी होगी।