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भारतीय छात्रों ने महिला सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण के लिए बनाया ऐप

रक्षक नाम का यह ऐप महिलाओं की आवाज की आवृत्ति और बोलने के पैटर्न का अपने ऑडियो माइक्रोफोन से परीक्षण कर उपयोगकर्ता की लोकेशन की की सटीक जानकारी देता है।

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जयपुर

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Mohmad Imran

Nov 24, 2020

भारतीय छात्रों ने महिला सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण के लिए बनाया ऐप

भारतीय छात्रों ने महिला सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण के लिए बनाया ऐप

भारतीय छात्रों ने दिल्ली के प्रदूषण और जहरीली हवा से लोगों को बचाने एवं महिला सुरक्षा के लिए एक एन्ड्राएड ऐप 'रक्षक' विकसित किया है। यह ऐप उन्होंने द मार्कोनी सोसायटी की ओर से 2019 में आयोजित प्रतियोगिता के लिए बनाया था। सोसायटी ने भारत में तकनीकी क्षेत्र के छात्रों के लिए एक प्रतियोगिता का अयोजन किया था। इस प्रतियोगिता में दिल्ली के भारती विद्यापीठ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के छात्रों ने भी हिस्सा लिया था। उनका बनाया रक्षक नाम का यह ऐप महिलाओं की आवाज की आवृत्ति और बोलने के पैटर्न का अपने ऑडियो माइक्रोफोन से परीक्षण कर उपयोगकर्ता की लोकेशन की की सटीक जानकारी देता है।

जब ऐप बोले जाने के समय किसी प्रकार की गड़बड़ी या सामान्य स्वर से इतर पिच पाता है तो यह मदद के लिए संकेत भेजता है। एसओएस अलट्र्स के जरिए यह सगे-संबंधियों को उपयोगकर्ता के स्थान की जानकारी पहुंचाता है। साथ ही यूजर के आपातकालीन संदेशों को भी भेजता है। यह ऐप गूगल प्ले स्टोर पर भी उपलब्ध है। इस ऐप समाधान ने मार्कोनी सोसायटी की ओर से आयोजित सेलेस्टिनी प्रोग्रा प्रतियोगिता में शीर्ष पुरस्कार प्राप्त किया है। विजेता टीम के सदस्य पीयूष अग्रवाल, सुभम बंगा, अनिकेत शर्मा और उज्जवल उपाध्याय ने बताया कि वे एक ऐसा ऐप बनाना चाहते थे जो भारत में महिला सुरक्षा के मुद्दे से निपटने में मदद कर सके।

प्रदूषण से बचाएगा यह ऐप
इसी प्रतियोगिता में दूसरा पुरस्कार जीतने वाली टीम भी इसी कॉलेज से थी। विश्व स्वास्थ्य संगठन के ग्लोबल एम्बिएंट एयर क्वालिटी डेटाबेस के अनुसार दुनिया के 15 सबसे प्रदूषित शहरों में से 14 शहर भारत में ही हैं। टीम के सदस्य हर्षिता डिड्डी, शिवम ग्रोवर, शिवानी जिंदल और दिव्यांशु शर्मा ने विजऩ एयर नाम का एक गोपनीयता-जागरूक स्मार्टफोन ऐप बनाया है जो जो हवा की गुणवत्ता का अनुमान लगाने के लिए स्मार्टफोन से ली गई वायुमंडल की तस्वीरों का उपयोग करता है।

ऐप एक मशीन लर्निंग मॉडल पर आधारित है जो वायुमंडल और मौसम के मिजाज और तस्वीरों से हवा की गुणवत्ता का अनुमान लगाता है। विजऩएयर नाम का यह ऐप अन्य डेवलपर्स को दिल्ली के अलग-अलग स्थानों से ली गई तस्वीरों के एक विविध सेट को खोलने के लिए नए मशीन लर्निंग मॉडल बनाने में सक्षम बनाती है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मॉनिटर और एयरवेदा सेंसर के अनुसार इस ऐप से शहर की हवा की वास्तविक गुणवत्ता का डेटा के साथ जानकारी सीधे मोबाइल पर भेजता है।