
वाहन चालकों की सुरक्षा, ज्यादा स्वचालित तकनीक (automation technique) और आरामदायक ड्राइविंग अनुभव के लिए बीते कुछ सालों में ऑटो इंडस्ट्री ने कार की तकनीक और प्रौद्योगिकी में व्यापक परिवर्तन किए हैं। लेकिन सहूलियत देने की बजाय ये तकनीक अब वाहन चालकों खासकर नए वाहन मालिकों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। जेडी पॉवर के एक वार्षिक सर्वे में सामने आया कि उन्नत चालक सहायता प्रणालियां अधिक व्यापक हो गई हैं लेकिन इससे कार के मालिकों के लिए परेशानी बढ़ रही है। जे डी पावर ने कार खरीदने वालों के 90 दिनों के अनुभव के आधार पर यह सर्वे किया था।
फंसा हुआ महसूस करते हैं
सर्वेक्षण में फर्म ने पाया कि नई कार के मालिक खुद को विभिन्न प्रणालियों और तकनीक के बीच खुद को फंसा हुआ महसूस करते हैं। स्वत: लेन परिवर्तन की चेतावनी, सड़कों पर गड्ढों और खतरों का पता लगाना, दूसरे वाहने से टकराव होने से बचाने वाली सुरक्षा प्रणाली और अन्य सुरक्षा-प्रौद्योगिकी इसमें शामिल हैं। लंदन स्थित जेडी पावर समूह के ग्लोबल ऑटोमोटिव रिसर्च के उपाध्यक्ष डेव सार्जेंट ने बताया कि उपभोक्ता कभी-कभी भ्रमित तक हो जाते हैं कि वाहन चालू है या नहीं। ज्यादातर इंजन शुरू करने की प्रक्रिया से ही जूझते नजर आते हैं।
गुणवत्ता में पिछड़ा ऑटो उद्योग
बात करें ऑटो उद्योग के गुणवत्ता अध्ययन की तो यह 93 शिकायतें प्रति 100 वाहनों की दर से बहुत खराब है। साल 2014 के बाद शून्य सुधार का प्रतीक है। बीते 12 महीनों में ऑटो उद्योग के ज्यादातर ब्रांड इन समस्याओं को सुधारने की बजाय और पिछड़ते चले गए। वहीं 18 ब्रांड़ जहां इस समस्या से निपटने में बुरी तरह पुेल रहे वहीं 13 ब्रांड्स में यह समस्या और बढ़ गई।
बेहतर हैं कोरियाई कंपनियां
फर्म ने कहा कि नई तकनीकों के अलावा पारंपरिक समस्याओं में सुधार न होना भी इसकी बड़ी वजह है। इनमें ब्रेक और सस्पेंशन का शोर, इंजन स्टार्ट नहीं होना, त्वरित 'चेक इंजन' संकेत और वाहन को पेंट करने की खामियां भी शामिल हैं। हालांकि इसमें दक्षिण कोरियाई ऑटो कंपनियां शुरुअताी गुणवत्ता के मामले में बाकी ब्रांड्स से बेहतर हैं। कोरियाई कंपनियां यह समझने में माहिर हो गई है कि अमरीकी उपभोक्ता वाहन से क्या चाहते हैं और क्या नहीं। कोरियाई ऑटोमेकर अपने वाहनों को अब भी एकल ड्राइवर तकनीक पर डिजासयन करते हैं जबकि यूरोपीय वाहन निर्माता अपने वाहनों को दर्जनों ऑटो प्रौद्योगिकी से लाद देते हैं। यह देखने में आकर्षक तो लगता है लेकिन असल में इन्हीं से समस्याएं भी खड़ी हो रही हैं।
Published on:
10 Feb 2021 08:09 pm
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