मृत प्रवालों को लाउडस्पीकर से स्वस्थ प्रवालों की ध्वनि सुना कर रहे इलाज

जलवायु परिवर्तन के कारण दुनियाभर में तेजी से नष्ट हो रहीं प्रवाल भित्तियों (कोरल रीफ्स) को पुन: जीवित करने के लिए वैज्ञानिक अब पुरातन और पारंपरिक तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। कैरिबियाई द्वीपसमूहों में शोधकर्ता 'कोरल नर्सरी' तैयार कर रहे हैं ताकि वे नष्ट हो रहीं विभिन्न प्रवाल भित्तियों को फिर से संरक्षित कर सकें। वहीं हवाई में वैज्ञानिक समुद्र के बढ़ते तापमान से प्रवालों को सुरक्षित रखने के लिए विशेष प्रजनन क्षमता वाली कोरल रीफ्स तैयार कर रहे हैं।

By: Mohmad Imran

Updated: 09 Dec 2019, 06:44 PM IST

हाल ही ब्रिटिश और ऑस्ट्रेलियाई शोधकर्ताओं ने एक और गैर-पारंपरिक तरीके की खोज करते हुए मृतप्राय या नष्ट हो रही कोरल रीफ्स में स्वस्थ प्रवाल भित्तियों की आवाज प्रसारित कर रहे हैं। छह सप्ताह के प्रयोग में शोधकर्ताओं ने ऑस्ट्रेलिया के ग्रेट बैरियर रीफ में मृत प्रवालों के पैच में पानी के नीचे लाउडस्पीकर लगा दिए और स्वस्थ प्रवालों से ली गई ऑडियो रिकॉर्डिंग सुनाई। शोधकर्ताओं का उद्देश्य यह देखना था कि क्या वे विविध प्रजातियों की उन मछलियों को आकर्षित कर सकते हैं जो इन नष्ट हो रहे प्रवालों के संरक्षण के लिए बेहद आवश्यक हैं।

मृत प्रवालों को लाउडस्पीकर से स्वस्थ प्रवालों की ध्वनि सुना कर रहे इलाज

शोधकर्ताओं ने पाया कि उनका प्रयोग आश्चर्यजनक रूप से कामयाब रहा। नेचर कम्युनिकेशंस नामक जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के निष्कर्ष में सामने आया कि जिन मृत प्रवालों के पैच के नीचे स्वस्थ प्रवालों की आवाज को सुनाया गया था वहां दो गुना ज्यादा मछलियां सक्रिय हो गईं थीं बजाय उन प्रवालों के आसपास जहां ऐसी कोई आवाज नहीं थी। एक्सेटर विश्वविद्यालय के समुद्री जीव विज्ञानी और अध्ययन के एक वरिष्ठ लेखक स्टीव सिंपसन का कहना है कि स्वस्थ प्रवालों में तड़कती हुई दरारों, चूने के झडऩे और कोरल में रहने वाले छोटे कीटों की आवाज मिलकर एक खास ध्वनि का संयोजन करते हैं। इसलिए इन आवाजों से आकर्षित होकर मछलियां इन्हें स्वस्थ प्रवाल मानकर इस पर मंडराने लगती हैं।

मृत प्रवालों को लाउडस्पीकर से स्वस्थ प्रवालों की ध्वनि सुना कर रहे इलाज

शोधकर्ताओं ने 40 रातों तक 33 परीक्षणों के दौरान मृत प्रवालों के 27 यार्ड के दायरे में स्वस्थ प्रवालों की ध्वनियों को बजाया। अध्ययन के अनुसार रीफ पैच में मौजूद प्रजातियों की संख्या जहां स्वस्थ ध्वनियों सुनाई गई थीं, अन्य पैच की तुलना में 50 प्रतिशत मछलियों की प्रजातियों की वृद्धि हुई।

मृत प्रवालों को लाउडस्पीकर से स्वस्थ प्रवालों की ध्वनि सुना कर रहे इलाज
Show More
Mohmad Imran
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned