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स्मार्टफोन की लत ले सकती है आपकी जान, हो सकती हैं ये गंभीर बीमारियां

कई शोध में इस बात का खुलासा हुआ है कि स्मार्टफोन पर ज्यादा समय बिताने से लोगों को स्वास्थ्य संबंधी कई प्रकार की समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक स्मार्टफोन पर समय बिताने से शरीर में कॉर्टिसॉल हर्मोन का उत्पादन तेजी से होने लगता है।

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Smartphone Addiction

Smartphone Addiction

आजकल स्मार्टफोन लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा हो गया है। स्मार्टफोन अब सिर्फ कॉलिंग के ही काम नहीं आता, यह लोगों के मनोरंजन का भी बड़ा साधन बन गया है। इसके अलावा फोन में लोग अपना पर्सनल डेटा भी रखते हैं। ऐसे में स्मार्टफोन पर लोग ज्यादा समय बिता रहे हैं। एकस्टडी के अनुसार कोरोना काल में लोगों का स्मार्टफोन पर टाइम स्पेंड बढ़ गया है। वहीं गेम के शौकीन लोग तो कई घंटों तक स्मार्टफोन पर गेम खेलते रहते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि स्मार्टफोन की गंदी आदत आपकी जान भी ले सकती है।

हो सकती हैं कई प्रकार की समस्याएं
बता दें कि कई शोध में इस बात का खुलासा हुआ है कि स्मार्टफोन पर ज्यादा समय बिताने से लोगों को स्वास्थ्य संबंधी कई प्रकार की समस्याएं हो सकती हैं। स्मार्टफोन की वजह से मेमोरी पॉवर, सक्रियता, अनिद्रा और काम करने की क्षमता प्रभावित होती है। इससे आपके स्वास्थ्य पर गलत प्रभाव पड़ सकता है।

बढ़ जाता है कॉर्टिसॉल हर्मोन का स्तर
एक रिसर्च के अनुसार, जो लोग स्मार्टफोन पर लंबा समय बिताते हैं, उनकी उम्र कम होती है। लंबे समय तक स्मार्टफोन पर समय बिताने से शरीर में कॉर्टिसॉल हर्मोन का उत्पादन तेजी से होने लगता है। इससे डिप्रेशन बढ़ता है। कॉर्टिसॉल हार्मोन का स्तर बढ़ने से हमारे जीवन पर इसका काफी विपरित असर पड़ता है।

डोपामाइन हार्मोन पर असर
इसके साथ ही रिसर्च में पता चला है कि स्मार्टफोन के ज्यादा इस्तेमाल से हमारे शरीर में डोपामाइन हार्मोन पर असर पड़ता है। बता दें कि डोपामाइन हार्मोन शरीर में आदत लगने और नई आदतों को विकसित करने के लिए जिम्मेदार होता है। यह सेहत के लिए यह काफी खतरनाक हो सकता है।

कॉर्टिसॉल हार्मोन बढ़ना खतरनाक
बता दें कि कॉर्टिसॉल हार्मोन हमारी हार्ट रेट, ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल के एकाएक बढ़ने को नियंत्रित करता है। ऐसे में अगर हमारे शरीर में कॉर्टिसॉल हार्मोन का स्मर बढ़ जाता है तो यह काफी नुकसानदायक हो सकता है। इससे चिंता और अवसाद बढ़ जाता है। रिसर्च के अनुसार, शरीर में कॉर्टिसॉल हार्मोन का स्तर बढ़ने से अवसाद, नपुंसकता की शिकायत, डायबिटीज टाइप 2, हार्ट अटैक, डिमेंशिया, हाई ब्लड प्रेशर और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमााियां हो सकती है।