Wasp Bite: ततैया का डंक भले ही छोटा लगे, लेकिन सही समय पर सही कदम उठाना बेहद जरूरी है। वार्ड डंक का संक्रमण खतरनाक हो सकता है। लेकिन घरेलू उपायों से आप डंक के बाद की परेशानी को काफी हद तक नियंत्रित कर सकते हैं। आइए जानते हैं उन आसान उपायों को।
Wasp Bite: गर्मियों के मौसम में या बरसात के दौरान ततैया (Wasp) घरों की छतों, दीवारों या पेड़ों पर अपना छत्ता बना लेते हैं। दिखने में मधुमक्खी जैसे लगने वाले ये कीड़े काफी आक्रामक हो सकते हैं। अगर गलती से इनसे छेड़छाड़ हो जाए या आप इनके रास्ते में आ जाएं, तो ततैया डंक मार देता है। ततैया के डंक में जहर होता है, जिससे न केवल जलन और दर्द होता है, बल्कि कुछ ही देर में सूजन, लालिमा और खुजली जैसी समस्याएं भी हो जाती हैं। अगर व्यक्ति को ततैया के जहर से एलर्जी है, तो यह और भी खतरनाक हो सकता है। ऐसे में अगर आपको ततैया ने काट लिया है, तो घबराने की बजाय तुरंत कुछ घरेलू उपाय अपनाकर राहत पाई जा सकती है। आइए जानते हैं कि ततैया के डंक से हुए दर्द और सूजन से राहत पाने के लिए आप क्या-क्या कर सकते हैं।
ततैया का डंक त्वचा पर जहर छोड़ देता है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए सबसे पहला कदम यह होना चाहिए कि जिस स्थान पर ततैया ने डंक मारा है, उसे तुरंत साबुन और ठंडे पानी से अच्छी तरह धो लें। इससे संक्रमण फैलने का खतरा कम होगा और त्वचा पर मौजूद जहर भी हटेगा।
ततैया के डंक से जलन और सूजन आम है। इस पर तुरंत बर्फ या ठंडे पानी से 10–15 मिनट तक सिकाई करें। इससे रक्त प्रवाह धीमा होता है, दर्द कम होता है और सूजन भी घटती है। यह प्रक्रिया हर कुछ घंटों में दोहराई जा सकती है।
नींबू में प्राकृतिक एंटीसेप्टिक और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो ततैया के जहर को बेअसर करने में मदद करते हैं। एक ताज़े नींबू को काटकर सीधे प्रभावित हिस्से पर हल्के हाथों से रगड़े, या फिर नींबू का रस निकालकर रूई की मदद से लगाएं। यह उपाय दिन में दो-तीन बार दोहराएं।
सेब का सिरका सूजन और जलन को कम करने के लिए जाना जाता है। एक कॉटन बॉल को एप्पल साइडर विनेगर में डुबोकर प्रभावित जगह पर 5–10 मिनट तक रखें। इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण त्वचा को राहत देने का काम करते हैं। यह उपाय दिन में 2 से 3 बार कर सकते हैं।
एलोवेरा में ठंडक पहुंचाने वाले और हीलिंग गुण होते हैं। यह त्वचा की जलन और लालिमा को कम करता है। ताजे एलोवेरा की पत्ती से जेल निकालकर सीधे डंक वाली जगह पर लगाएं और सूखने दें। आप दिन में 2–3 बार यह दोहरा सकते हैं।
-सांस लेने में तकलीफ
-चक्कर आना या बेहोशी
-शरीर पर चकत्ते या एलर्जी की प्रतिक्रिया
-डंक वाली जगह तेजी से सूजने लगे