25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मानसून में आपकी त्वचा ‘स्किन फास्टिंग’ से रहेगी हेल्दी

- स्किन फास्टिंग का मुख्य उद्देश्य त्वचा की सौंदर्य प्रसाधनों पर निर्भरता को समाप्त करना है

3 min read
Google source verification

image

Deepesh Tiwari

Jun 29, 2023

skin_fasting.jpg

,,

Glowing skin in Rainy Season मानसून आ चुका है ऐसे में बरसात के दौरानं शरीर की शुद्धता के साथ ही त्वचा की शुद्धता पर भी ध्यान देने की जरूरत होती है क्योंकि त्वचा शरीर का सबसे बड़ा अंग होता है। इस मौसम में त्वचा से जुड़ी अनेक सौंदर्य समस्याएं देखने को मिलती है। मानसून में कील, मुहांसे, फोड़े, फुंसी, रेशेज आदि त्वचा के लिए नुकसानदायक साबित होते हैं।

इन समस्याओं से बचने के लिए स्किन फास्टिंग यानी डिटॉक्सीफिकेशन प्रभावी माना जाता है। स्किन फास्टिंग में त्वचा को प्राकृतिक अवस्था में रखा जाता है। इस दौरान त्वचा को सौंदर्य उत्पादों और मेकअप से दूर रखा जाता है, जिससे त्वचा को आराम मिलता है। स्किन फास्टिंग का मुख्य उद्देश्य त्वचा की सौंदर्य प्रसाधनों पर निर्भरता को समाप्त करना है। लेकिन स्किन फास्टिंग में क्लिजिंग, माइश्चराइजिंग जैसी त्वचा की मूलभूत हाइजीन को निर्वाध रूप से जारी रखना चाहिए।

सौंदर्य प्रसाधन रात में न लगाएं
पहले सप्ताह में एक बार स्किन फास्टिंग करें तथा बाद में त्वचा की प्रवृत्ति के अनुरूप इसे बढ़ाते जाएं। सबसे पहले रात्रि में चेहरे को धोकर किसी भी तरह का सौंदर्य प्रसाधन का प्रयोग न करें। रात में सौंदर्य प्रसाधनों का उपयोग रोककर त्वचा में प्राकृतिक तौर पर प्राकृतिक तेलों के माध्यम से ताजगी पैदा होने दें। सुबह उठते ही चेहरे को गुनगुने पानी से धोएं ताकि त्वचा को कोई नुकसान न पहुंचे। यदि प्रारंभ में स्किन फास्टिंग से त्वचा में कोई जलन आदि न हो तो इस प्रक्रिया को आगे दोहराएं। यदि त्वचा शुष्क है तो मॉइश्चराइज जरूर लगाएं।

प्रभावित होता है प्राकृतिक चक्र
जब हम सौंदर्य प्रसाधनों का उपयोग करते हैं तो अपनी समझ से त्वचा को निखारने की कोशिश करते हैं, जिससे त्वचा का प्राकृतिक चक्र प्रभावित होता जाता है जैसे मॉइश्चराइजर और फेशियल ऑयल लगाने से त्वचा को यह अहसास होता है कि उसे प्राकृतिक सीवम पैदा करने की जरूरत नहीं है। इसी तरह एक्सफोलिस्ट प्रयोग करने से हम त्वचा में रासायनिक तरीकों से कोशिकाओं को बढ़ा रहे हैं।

त्वचा की प्रवृत्ति से समझें
स्किन फास्टिंग के बाद आपको अपनी त्वचा की प्रवृत्ति को समझना भी जरूरी है। यदि स्किन फास्टिंग के बाद आप त्वचा में बदलाव महसूस करें तो आप यह समझ सकेंगे कि त्वचा को किन सौंदर्य प्रसाधनों की जरूरत है। लेकिन स्किन फास्टिंग से त्वचा मूलभूत पोषक तत्वों से वंचित न हो, इसलिए विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

खास ध्यान रखें इन बातों का
स्किन फास्टिंग हमेशा सौंदर्य विशेषज्ञ की देखरेख में किया जाना चाहिए। यदि आप कील, मुहांसे, चक्ते आदि की समस्या से जूझ रही हैं तो स्किन फास्टिंग न करें क्योंकि ऐसी त्वचा को नियमित पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। यदि आप अपनी त्वचा की रूटीन को नए सिरे से शुरू करने जा रही हैं तो स्किन फास्टिंग सबसे उपयुक्त है, लेकिन घर से बाहर निकलने से पहले अच्छी सनस्क्रीन का प्रयोग करना न भूलें।