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Kiss Can Tell: डिजीज या इन्फेक्शन, जानिए क्या है Kissing के पीछे छिपे हुए खतरे

Kiss Can Tell: किसिंग एक एहसास है प्यार जानते का, जाहिर करने का, हालांकि आपसी कंसेंट से की जाए तो किसिंग को आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है और इसके कुछ स्वास्थ्य लाभ भी हो सकते हैं, लेकिन कई ऐसे केसेस भी हैं जहां किसिंग एक हेल्थ प्रॉब्लम बनकर सामने आती है। यहाँ ऐसी ही कुछ हेल्थ प्रोब्लेम्स के बारे में जानेंगे जो किसिंग के बाद होती है।

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Kiss Can Tell: किसिंग एक एहसास है प्यार जानते का, जाहिर करने का। फिर चाहे वो शादी के बाद, 'यू में किस दी ब्राइड' या फिर गुड बाय किस या 'किस-सी' और इमोशन को एक्सप्रेस करते हुए करना हो, किस का एहसास सुखद होता है। (Photo: Instagram)

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Cold Sores: कोल्ड सोर, जो ओरल हर्पीस या फीवर ब्लिस्टर्स के रूप में भी जाना जाता है, किसिंग के माध्यम से फैलता है। नेशनल इंस्टीटूट्स ऑफ़ हेल्थ के अनुसार ये हर्पीस सिंप्लेक्स वायरस (HSV-1) के कारण होते हैं। इसके होने से आमतौर पर मुंह या होठों के आसपास दर्दनाक ब्लिस्टर्स या घाव हो जाते हैं। इसे रोकने और खुद को और दूसरों को यह इन्फेक्शन होने से बचाने के लिए किसी को तब तक किस (Kiss) न करें जब तक कि यह छाले, ब्लिस्टर, जुकाम पूरी तरह ठीक न हो जाएं।

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Mononucleosis (Mono): मोनो, जिसे "Kissing Disease" भी कहा जाता है, एपस्टीन-बार वायरस (ईबीवी) ( Epstein-Barr virus (EBV)) के कारण होता है। पब मेड सेंट्रल में पब्लिश्ड एक आर्टिकल के अनुसार यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में निकट संपर्क, जैसे किसिंग या ओरल एक्टिविटी के माध्यम से फैल सकता है, विशेष रूप से टीनएजर्स के बीच पाया जाता है। हालांकि, छोटे बच्चों में भी कुछ केसेस होते हैं लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि उनमे यह वायरस कैसे फैलता है। यह किस सहित सलाइवा के माध्यम से फैल सकता है। इस दौरान अत्यधिक थकान, गले में खराश, लिम्फ नोड्स में सूजन और बुखार जैसे लक्षण नजर आते हैं। वायरस के संपर्क में आने के बाद लक्षण दिखने में लगभग 6 सप्ताह का समय लगता है।

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Cytomegalovirus (CMV) Infection: सीएमवी एक आम वायरस है जो किसिंग या मुंह के सलाइवा के जरिए फैल सकता है। इसमें अक्सर जहां स्वस्थ व्यक्तियों को किसी भी लक्षण का अनुभव नहीं होता है वहीं कमजोर इम्यून सिस्टम वाले व्यक्तियों में सीएमवी बीमारी का कारण बन सकता है। इनमें नवजात शिशु और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग शामिल हैं।

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Streptococcal Infections: स्ट्रेप्टोकोकल बैक्टीरिया स्ट्रेप थ्रोट जैसी बीमारियों का कारण बन सकते हैं। कुछ केसेस में स्कार्लेट फीवर या रूमेटिक फीवर जैसी गंभीर कंडीशन भी हो सकती हैं। हालांकि यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि किसिंग की वजह से इन स्वास्थ्य समस्याओं का रिस्क आम तौर पर कम होता है, खासकर यदि दोनों व्यक्ति की इम्यूनिटी मजबूत हो, वे हेल्दी हो और उनका ओरल हेल्थ भी सही हो।

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Dental Issues: अपने दांतों को रोज ब्रश करना और अपने ओरल हाइजीन का ध्यान रखने का एक और महत्वपूर कारण है - किसिंग। क्या आप जानते हैं जो लोग ओरल हाइजीन मेन्टेन नहीं करते हैं वे ना सिर्फ खुद डेंटल प्रोब्लेम्स का शिकार होते हैं बल्कि जिन्हे वो किस करते हैं उन्हें भी इसका शिकार बना लेते हैं। ऐसे में किसिंग बैक्टीरिया के फैलने का कारण बन सकता है जो बढ़कर दांतों से जुडी समस्याओं का कारण बनता है; जैसे दांतों की सड़न और मसूड़ों की बीमारी। हालांकि, ओरल हेल्थ को बनाए रखना, नियमित रूप से ब्रश करना और फ्लॉस करना, इस रिस्क को कम करने में मदद कर सकता है।