Kiwi For Kidney: कीवी शरीर के लिए फयदेमंद होता है, लेकिन क्या यह किडनी के मरीजों के लिए सही है? आइए जानते हैं इससे जुड़ी जानकारी।
Kiwi For Kidney Health:कीवी एक स्वादिष्ट और न्यूट्रिएंट-रिच फल है, जो विटामिन C, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। यह इम्यूनिटी बढ़ाने, डाइजेशन सुधारने और त्वचा की चमक बनाए रखने में मदद करता है। लेकिन सवाल यह है कि क्या किडनी के मरीजों के लिए कीवी का सेवन वाकई फायदेमंद है? क्योंकि हर चीज हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं होती, खासकर जब कोई बीमारी से जूझ रहा हो। तब फल और सब्जियों का सेवन सोच-समझ कर करना चाहिए। आइए जानते हैं कि कीवी किडनी के मरीजों के लिए फायदेमंद है या नहीं।
किडनी शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, जिसका मुख्य कार्य खून को साफ करना और शरीर से टॉक्सिन्स को यूरिन के जरिए बाहर निकालना है। लेकिन जब किडनी सही ढंग से काम नहीं करती, तो ये हानिकारक तत्व शरीर में जमा होने लगते हैं, जिससे शरीर में कई तरह की समस्याएं, जैसे थकावट, सूजन, हाई ब्लड प्रेशर और कमजोरी पैदा हो सकती हैं। ऐसे में अपने खान-पान पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
कीवी में पोटैशियम अधिक पाई जाती है। ऐसे तो कीवी एक सुपर फूड मानी जाती है लेकिन किडनी की समस्या वाले मरीजों को इसे खाने से पहले सोचना चाहिए। क्योंकि कीवी में पोटैशियम पाया जाता है और हेल्दी किडनी पोटैशियम को प्रोसेस करके शरीर से बाहर निकाल सकती है। लेकिन क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) में यह प्रोसेस धीमा हो जाता है, जिससे हाइपरपोटैसिमिया (ब्लड में ज्यादा पोटैशियम) हो सकता है।
कीवी के छिलके में कुछ एंजाइम्स पाए जाते हैं जो किडनी हेल्थ के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि डॉक्टर की सलाह से ही कीवी का सेवन करें।
कीवी में नेचुरल शुगर होते हैं और डायबिटीज नेफ्रोपैथी या डायलिसिस वाले मरीजों के लिए ज्यादा शुगर लेना खतरनाक हो सकता है। ब्लड शुगर बढ़ने से किडनी पर दबाव ज्यादा पड़ता है।
कुछ लोगों को कीवी खाने से बचना चाहिए क्योंकि कीवी से एलर्जी हो सकती है, जैसे गले में खुजली, मुंह में जलन, स्किन रैशेज हो सकते हैं। वहीं किडनी कमजोर होने पर इम्यून सिस्टम भी कमजोर हो जाता है, जिससे एलर्जी का रिस्क दोगुना हो सकता है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।