
Precautions before eating makhana
Makhana: आज के समय में जब हेल्दी स्नैक्स की बात होती है, तो मखाना का नाम सबसे पहले आता है। देखने में हल्का-फुल्का, खाने में कुरकुरा और सेहत से भरपूर, मखाना अब आम घरों से लेकर डाइटिशियन की थालियों तक अपनी जगह बना चुका है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मखाना जितना पौष्टिक होता है, उतना ही सावधानी से खाने वाला भी होता है? क्योंकि अगर सही तरीके से इसे ना खाया जाए, तो सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
मखाना जिसे अंग्रेजी में Foxnut या Euryale Ferox कहा जाता है, दरअसल एक जल पौधे का बीज होता है जो भारत और चीन के ठहरे हुए पानी में उगता है। भारत में खासकर बिहार के मिथिलांचल क्षेत्र में इसकी खेती बड़े पैमाने पर होती है। इतना ही नहीं, दुनिया का करीब 90% मखाना यहीं से आता है, और इस वजह से "मिथिलांचल मखाना" को GI टैग भी मिला हुआ है।
मखाना हेल्दी है, लेकिन अगर इसे सही तरीके से नहीं खाया जाए, तो फायदे की बजाय नुकसान भी हो सकता है। चूंकि मखाना प्राकृतिक रूप से जल में उगता है और लंबे समय तक खुले में रखा जाता है, उसमें सूक्ष्म कीड़े या फफूंदी पनप सकती है। कभी-कभी तो मखाने के अंदर छोटे कीड़े छुपे होते हैं जो बाहर से नजर नहीं आते।
अच्छी तरह छांट लें
खाने से पहले मखाने को एक बार चाकू से हल्का काटकर देख लें ध्यान रखे की अंदर से काला या बदबूदार ना हो।
धूप में सुखाएं
अगर आपने थोक में मखाना खरीदा है, तो उसे 2-3 दिन धूप में सुखाएं। इससे नमी और कीड़े मर जाते हैं।
रोस्ट करके खाएं
मखाना बिना भुने नहीं खाना चाहिए। धीमी आंच पर घी या बिना तेल के रोस्ट करने से उसमें छिपे सूक्ष्म कीटाणु नष्ट हो जाते हैं।
बंद डिब्बे में रखें
एक बार पैक खोलने के बाद उसे हमेशा एयरटाइट डिब्बे में रखें, ताकि उसमें नमी न आए और कीड़े न पड़े।
-जिन्हें कब्ज की समस्या रहती है, उन्हें अधिक मात्रा में मखाना नहीं खाना चाहिए।
-गर्भवती महिलाएं भी मखाना खाने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
-शरीर में आयरन की कमी वाले लोगों को मखाना सीमित मात्रा में खाना चाहिए क्योंकि इसमें आयरन की मात्रा कम होती है।
Published on:
06 Aug 2025 03:57 pm
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