
Tips to keep children away from obesity
Obesity In Children: बच्चों का स्वास्थ्य और विकास हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है। मोटापा (Obesity) एक ऐसी समस्या है जो बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। इसलिए, बच्चों को मोटापे से दूर रखने के लिए कुछ महत्वपूर्ण उपाय अपनाना आवश्यक है। आइए जानते हैं कि आप अपने बच्चों को मोटापे से दूर रखने के लिए क्या कर सकते हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय (Ministry of Health) ने बताया कि बच्चों में बढ़ता मोटापा एक चिंता का विषय है। बच्चों की सेहत से जुड़ी यह समस्या केवल शारीरिक रूप से ही नहीं, बल्कि मानसिक और सामाजिक रूप से भी नुकसानदायक हो सकती है। अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह आगे चलकर गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। लेकिन उन्होंने यह भी बताया कि सही जीवनशैली अपनाकर इसे रोका जा सकता है। उनके बेहतर स्वास्थ्य के लिए आज ही ये आसान उपाय अपनाएं।
आजकल बच्चे टीवी, मोबाइल या कंप्यूटर पर बहुत ज्यादा समय बिताते हैं। यह आदत धीरे-धीरे मोटापे की वजह बन सकती है। कोशिश करें कि बच्चे हर दिन कम से कम 1 घंटे तक किसी न किसी शारीरिक गतिविधि में भाग लें , जैसे दौड़ लगाना, साइकल चलाना, खेल खेलना या पार्क में समय बिताना।
जंक फूड, पैक्ड स्नैक्स और सॉफ्ट ड्रिंक्स से दूर रखें क्योंकि इनमें चीनी, नमक और तेल की मात्रा ज्यादा होती है, जो बच्चों की सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
रंग-बिरंगे फलों और हरी सब्जियों में भरपूर मात्रा में विटामिन, मिनरल और फाइबर होते हैं। ये बच्चों की पाचन क्रिया को दुरुस्त रखते हैं और उन्हें लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराते हैं, जिससे वे बार-बार खाने से बचते हैं।
ज्यादा चीनी और मैदे से बनी चीजें जैसे कैंडी, चॉकलेट, कुकीज या बेकरी आइटम्स बच्चों के वजन को तेजी से बढ़ा सकते हैं।साथ ही मैदे से बनी चीजों से भी दूरी बनाएं। इनकी जगह घर में बने हेल्दी स्नैक्स जैसे मूंग दाल चिल्ला, भुने चने या फ्रूट सलाद दें।
बच्चों में मोटा होने के कई कारण होते हैं, उनमें से एक यह भी है कि वे पर्याप्त पोषक आहार का सेवन नहीं करते। इसलिए, बच्चों के खाने में ताजे फल, सब्जियां, दालें, साबुत अनाज और दही जैसी पौष्टिक चीजें जरूर शामिल करें।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
07 May 2025 05:14 pm
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