
Love poetry for valentine
Prem Par Dohe: वैलेंटाइन वीक, जिसे हम प्यार के सप्ताह के रूप में जानते हैं, और यह प्यार का सप्ताह 7 फरवरी से शुरू हो जाता है। ऐसे में इस खास दिन पर दिल में अजीब सी खुशी होती है, और इस दिन के लिए कपल्स काफी एक्साइटेड रहते हैं। प्रेम न केवल एक सुख है, बल्कि यह एक गहरा अनुभव भी है, जो किसी के लिए भी हो सकता है। तो इस वैलेंटाइन, अपने चाहने वाले को प्रेम के दोहे भेजकर अपने दिल का हाल बयां कर सकते हैं।
प्रेम नहिं छिप सकई, लाख छिपाए कोय।
प्रेम न मुख खोलै कभऊं, नैन देत हैं रोय॥
कबीर हद से ज्यादा प्रेम कर, जीवन में सच्चाई पाए।
प्रेम ही जग का सार है, प्रेम से हर दूरी घटाए॥
मीरा के नैनों में बसा, राधा का प्रेम रचन।
सच्चा प्रेम न देखा जाए, बस इसे दिल में समर्पण॥
सूरदास कहते प्रेम बिना, सब कुछ अधूरा लगे।
प्रेम से सजीव जीवन, जैसे गुलाब में रंग छुपे॥
तुलसी का यह विचार सच्चा, प्रेम जीवन का आधार है।
बिना प्रेम सब खो जाता, प्रेम से ही उभरता संसार है॥
कृष्णदास कहते प्रेम में, शक्ति छुपी अनमोल।
प्रेम से ही रचनाएं होतीं, प्रेम में हर भाव होता बोल॥
रवींद्रनाथ कहते प्रेम सच्चा, न किसी रूप में बांधा जाए।
प्रेम में हर रंग समाहित, प्रेम से ही सब कुछ पाया जाए॥
रामकृष्ण के शब्द सच्चे, प्रेम से पाओ आत्मा का सुख।
प्रेम ही है ब्रह्म का रूप, प्रेम में समाहित सब कुछ॥
तुकाराम कहते प्रेम से ही, जीवन को सही रास्ता मिलें।
प्रेम से सब दुख दूर होते, प्रेम ही सत्य का पहलू बने॥
संजीव का कहना है प्रेम, न बयां हो किसी भाषा से।
प्रेम से दिल जो जुड़ जाए, वही सच्ची पहचान हो प्यारे से॥
नमदेव कहते सच्चे प्रेम में, भक्ति और संजीवनी मिलती है।
प्रेम में ही सच्चा आनंद है, प्रेम से ही जीवन में खुशी बसी है॥
विवेकानंद का ये विचार, प्रेम से ही संतुलन जीवन में आए।
प्रेम से ही मानवता को, शक्ति और बल मिलते जाए॥
जगजीत सिंह के इस संदेश में प्रेम, दिल से दिल तक बढ़ता है।
प्रेम से ही जीवन में रंग है, प्रेम से हर जख्म भरता है॥
Updated on:
08 Feb 2025 08:45 pm
Published on:
07 Feb 2025 04:50 pm
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