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Sleeping Without Pillow Benefits: सिर्फ आदत बदलिए, सेहत संवर जाएगी, बिना तकिया सोने के फायदे

Sleeping Without Pillow Benefits: अक्सर हम तकिए को आरामदायक नींद का जरूरी हिस्सा मानते हैं, लेकिन कुछ लोगों के लिए बिना तकिया सोना भी फायदेमंद हो सकता है।सही पोजिशन में बिना तकिया सोने से गर्दन, रीढ़ और नींद की क्वालिटी पर पॉजिटिव असर पड़ सकता है।

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भारत

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MEGHA ROY

Jan 23, 2026

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Better sleep without pillow|फोटो सोर्स – Freepik

Sleeping Without Pillow Benefits: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अक्सर नींद की छोटी-छोटी आदतों को नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि वही आदतें सेहत पर बड़ा असर डालती हैं। तकिया हर किसी के लिए जरूरी हो, ऐसा नहीं है कुछ लोगों के लिए बिना तकिया सोना शरीर को नेचुरल पोजिशन में रखने में मदद करता है। इससे गर्दन, रीढ़ और पोस्चर पर पॉजिटिव असर पड़ सकता है और नींद की क्वालिटी भी बेहतर होती है। बस एक छोटी-सी आदत बदलकर आप रोज सुबह खुद को ज्यादा रिलैक्स और फ्रेश महसूस कर सकते हैं। इसलिए बिना तकिया सोने के फायदे जानना और समझना जरूरी हो जाता है।

कमर और गर्दन के दर्द में राहत

गलत ऊंचाई या बहुत सख्त तकिया गर्दन और रीढ़ की हड्डी की नेचुरल पोज़िशन को बिगाड़ सकता है। इससे धीरे-धीरे कमर और गर्दन में दर्द शुरू हो जाता है। वहीं, बिना तकिया सोने से गर्दन और रीढ़ एक सीध में रहती है, जिससे शरीर पर दबाव कम पड़ता है और दर्द की समस्या में राहत मिल सकती है।

चेहरे के मुंहासों से बचाव

सोते समय हमारा चेहरा कई घंटों तक तकिए के संपर्क में रहता है। तकिए में जमा पसीना, धूल और बैक्टीरिया त्वचा के रोमछिद्रों को बंद कर सकते हैं, जिससे मुंहासे होने लगते हैं। बिना तकिया सोने से चेहरे का सीधा संपर्क इन गंदगी भरी सतहों से नहीं होता, जिससे स्किन साफ और हेल्दी बनी रह सकती है।

सिरदर्द की समस्या हो सकती है कम

बहुत ऊंचा या गलत तकिया सिर में रक्त संचार को प्रभावित कर सकता है। इसी वजह से कई लोगों को सुबह उठते ही सिरदर्द महसूस होता है। बिना तकिया सोने पर सिर और गर्दन की पोज़िशन संतुलित रहती है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और सिरदर्द की संभावना कम हो सकती है।

नींद की क्वालिटी में सुधार

कई बार तकिया सही न होने की वजह से नींद बार-बार टूटती है। बिना तकिया सोने पर शरीर को एक नेचुरल पोज़िशन मिलती है, जिससे नींद गहरी और आरामदायक हो सकती है। अच्छी नींद का असर पूरे दिन की एनर्जी और मूड पर साफ दिखाई देता है।

तनाव और चिड़चिड़ापन हो सकता है कम

पूरी और सुकून भरी नींद मानसिक सेहत के लिए बेहद जरूरी है। जब नींद पूरी नहीं होती तो व्यक्ति तनाव, चिड़चिड़ापन और थकान महसूस करता है। बिना तकिया सोकर अगर आपकी नींद बेहतर होती है, तो इसका सीधा असर आपके मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है और आप खुद को ज्यादा रिलैक्स महसूस करते हैं।

ध्यान रखें

हर व्यक्ति के शरीर की जरूरत अलग होती है। अगर बिना तकिया सोने में आपको असहजता महसूस होती है, तो पतला या ऑर्थोपेडिक तकिया बेहतर विकल्प हो सकता है। किसी भी बदलाव से पहले अपने शरीर के संकेतों को समझना जरूरी है।

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