
Stop Snoring Tips (Photo- gemini ai)
Stop Snoring Tips: सोते समय सांस लेते या छोड़ते वक्त आने वाली तेज आवाज और गले में कंपन को हम खर्राटा कहते हैं। यह समस्या बहुत आम है लेकिन कई बार यह गंभीर स्वास्थ्य संकेत भी हो सकता है। खर्राटे किसी भी उम्र में, किसी भी समय शुरू या बंद हो सकते हैं। आवाज नाक या मुंह कहीं से भी आ सकती है। तो आइए जानते हैं कि खर्राटे क्यों आते हैं और उन्हें दूर करने के कुछ आसान देसी उपाय क्या हैं।
जब हम गहरी नींद में जाते हैं, तो हमारी जीभ, गले और तालू की मांसपेशियां ढीली पड़ जाती हैं। ऐसे में वायुमार्ग (एयर पैसेज) आंशिक रूप से अवरुद्ध हो जाता है और हवा के गुजरने से कंपन की आवाज होती है, जिसे हम खर्राटा कहते हैं। मोटापा, शराब का सेवन, साइनस की समस्या या गलत मुद्रा में सोना इसके प्रमुख कारण हैं।
बच्चों को भी कई बार खर्राटे आते हैं, जो आमतौर पर टॉन्सिल बढ़ने, नाक की हड्डी टेढ़ी होने या जुकाम के कारण होते हैं। कभी-कभी जीभ मोटी होना भी इसका कारण बनता है।
जैतून के तेल में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण गले की सूजन को कम करते हैं। रात को सोने से पहले नाक में 2 बूंद जैतून का तेल डालने से सांस लेने में आसानी होती है और खर्राटे घटते हैं।
हल्दी में एंटी-वायरल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं जो नाक की जकड़न दूर करते हैं। रात को सोने से पहले गर्म दूध में एक चुटकी हल्दी मिलाकर पीने से नींद गहरी आती है और खर्राटों में राहत मिलती है।
शहद गले को मुलायम बनाता है और सूजन घटाता है। एक गिलास गर्म पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से वायुमार्ग खुला रहता है और सांस लेते समय आवाज नहीं आती।
देसी घी नाक की नमी बनाए रखता है और गले की सूजन घटाता है। हर रात नाक में घी की कुछ बूंदें डालने से खर्राटों की समस्या धीरे-धीरे खत्म हो सकती है।
लहसुन साइनस और नाक की जकड़न को दूर करता है। रात को सोने से पहले एक कली लहसुन भूनकर गुनगुने पानी के साथ खाने से गले की सूजन कम होती है और खर्राटे रुक सकते हैं।
Updated on:
9 Oct 2025, 3:20 PM IST
Published on:
9 Oct 2025, 3:20 PM IST
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