
विजिलेंस कार्यालय उत्तराखंड
सरकारी पदों पर रहकर गैरकानूनी तरीके से संपत्ति एकत्र करने वाले अधिकारियों पर विजिलेंस का शिकंजा कस चुका है। बताया जा रहा है कि कुमाऊं के दो जिले नैनीताल और यूएस नगर के 12 अधिकारी विजिलेंस की रडार पर आ चुके हैं। इन अफसरों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की जांच शुरू कर दी गई है। इनमें खासतौर पर परिवहन, राजस्व सहित आम लोगों के सीधे काम से जुड़े विभागों के अफसरों के शामिल होने की बात सामने आ रही है।
कई साक्ष्य हो चुके हैं एकत्र
बताया जा रहा है कि आय से अधिक की संपत्ति के मामले की विजिलेंस ने गोपनीय जांच शुरू की तो आरोप काफी हद तक सही मिले। शासन में बनी कमेटी ने कुमाऊं विजिलेंस की रिपोर्ट का ऑडिट किया और खुली जांच के आदेश दिए हैं। कई साक्ष्य विजिलेंस को मिल चुके हैं।
बैंक खातों का विवरण मांगा
कुमाऊं विजिलेंस के सीओ अनिल मनराल के मुताबिक जांच के दायरे में 12 अधिकारी हैं। सीओ के मुताबिक खुली जांच के लिए बैंक, बीमा, राजस्व आदि विभागों से अधिकारियों के नाम पर मौजूद संपत्तियों, बैंक खातों समेत अन्य विवरण मांगे गए हैं। उसके बाद आगे की कार्यवाही होगी।
समिति तय करेगी कार्रवाई
इस मामले की खुली जांच की रिपोर्ट दोबारा शासन को भेजी जाएगी। जांच रिपोर्ट के ऑडिट के बाद ही विजिलेंस डायरेक्टर की अध्यक्षता वाली कमेटी तय करेगी कि एफआईआर होनी चाहिए या नहीं।
यूएस नगर में सर्वाधिक आठ अफसर
सूत्रों के मुताबिक विजिलेंस के रडार में आए आठ अधिकारी यूएस नगर जिले के हैं। इसके अलावा चार अधिकारी नैनीताल जिले के शामिल हैं। इनसे बच्चों की पढ़ाई से लेकर विदेश के टूर तक के हिसाब मांगे जाएंगे। कुमाऊं मंडल में ये दो ही जिले सर्वाधिक कमाई वाले माने जाते हैं। बताया जाता है कि इन जिलों में पोस्टिंग के लिए अफसर बड़ी शिफारिशें लगवाते हैं।
Updated on:
16 Jan 2024 05:50 pm
Published on:
16 Jan 2024 01:47 pm
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