
Birsa Munda Jayanti 2021 : मायावती ने बिरसा मुंडा को लेकर केंद्र और राज्य सरकार से कही ये बात
लखनऊ , 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया जाता हैं। भगवान बिरसा मुंडा का व्यक्तित्व बहुत ही अलग था। सबको एक साथ लेकर चलने की ताकत रखते थे। स्वामी दिव्यानंद ने बतायाकि बिरसा मुण्डा का जन्म 15 नवम्बर 1875 के दशक में हुआ था। (Birsa Munda Jayanti 2021) वह हैं गरीब किसान परिवार में पैदा हुए। मुंडा एक जनजातीय समूह हुआ करता था। जिसने अपने समुदाय के लिए बहुत संघर्ष किये। बिरसा मुंडा ने भयंकर अकाल और महामारी के समय भी पूरी ईमानदारी के साथ सबकी सेवा की ।
उन्होंने बतायाकि आज भी बिहार, उड़ीसा, झारखंड, छत्तीसगढ और पश्चिम बंगाल के आदिवासी इलाकों में बिरसा मुण्डा को भगवान की तरह पूजा जाता है। बिरसा मुंडा के इतिहास के बारे में जितना जानने की कोशिश करेंगे उतना ही कम होगा। (Birsa Munda Jayanti 2021) बिरसा मुंडा ने कई बड़ी लड़ाई को अंजाम दिया और तीर धनुष के वार से दुश्मनो के छक्के छुड़ा दिए। इनके कार्यो की रुपरेखा बहुत ही निराली हुआ करती थी। जिसको सभी को जानना चाहिए।
बिरसा मुंडा की जयंती पर बोली बसपा मुखिया
बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी बिरसा मुंडा की जयंती पर कहा कि वो आदिवासी समाज के हितों की रक्षा के लिए हमेशा संघर्षशील रहे। आज मसीहा बिरसा मुंडा जी की जयंती के मौके पर उनके अनुयायियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। (Birsa Munda Jayanti 2021) इन्होंने खास जल जंगल व जमीन के लिए काफी संघर्ष किया। केंद्र और राज्य सरकार जरूर ध्यान दें। यही बीएसपी की मांग।
Published on:
15 Nov 2021 02:49 pm
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