24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गोमती नदी किनारे विराजेगी श्रीराम के भाई लक्ष्मण की प्रतिमा, 150 फीट होगी ऊंचाई

भगवान श्री लक्ष्मण की प्रतिमा बनाने में लगभग 15 करोड़ का खर्च आएगा और इसका नाम भगवान श्री लक्ष्मण प्रेरणा स्थल रखा गया है।

2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Jyoti Singh

May 08, 2022

8711_lakshman.jpg

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) को जल्द ही एक और पहचान मिलने वाली है। यहां हिंदू संगठन (Hindu Organization) की मांग के बाद गोमती नदी (Gomti River) के किनारे झूलेलाल वाटिका (Jhulelal Vatika) के पास भगवान श्री लक्ष्मण की प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जो 150 फीट ऊंची होगी। इससे शहरवासियों को अब भगवान श्रीराम के छोटे भाई लक्ष्मण की प्रतिमा का दीदार(Lord Laxmana Statue) करने के मौका मिलेगा। हालांकि ये प्रतिमा अयोध्या में स्थित भगवान राम की मूर्ति (Lord Sri Ram Statue In Ayodhya) से छोटी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की मूर्ति (ऊंचाई 25 फीट) से बड़ी होगी। इसे बनाने में लगभग 15 करोड़ का खर्च आएगा और इसका नाम भगवान श्री लक्ष्मण प्रेरणा स्थल (Lord Shri Laxman Inspiration Sthal) रखा गया है। मूर्ति निर्माण के लिए लखनऊ नगर निगम कार्यकारिणी समिति ने बजट को पास कर दिया और महापौर संयुक्ता भाटिया ने भी इसे मंजूरी दे दी गई है।

ये भी पढ़ें: बिना परीक्षा सरकारी नौकरी का सुनहरा मौका, ITDC ने निकाली बंपर भर्ती, तुरंत अप्लाई करें

टीले वाली मस्जिद के सामने प्रतिमा को स्थापित करने की थी मांग

गौरतलब है कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर का निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ही लखनऊ में भगवान श्रीलक्ष्मण की प्रतिमा स्थापित करने की मांग की जा रही थी। उस वक्त टीले वाली मस्जिद के सामने प्रतिमा को स्थापित करने की मांग की गई थी। क्योंकि हिंदू संगठनों और संतों का कहना था ये रिकार्ड में लक्ष्मण का टीला के नाम से दर्ज है और इसी स्थान पर प्रतिमा को लगाया जाना चाहिए। हालांकि दूसरी तरफ महापौर संयुक्ता भाटिया ने साफ कर दिया था कि पुराने लखनऊ के लक्ष्मण टीला स्थान पर लक्ष्मण की प्रतिमा नहीं लगाई जाएगी। क्योंकि यहां लगाने को लेकर पूर्व में विवाद हो चुका है। लेकिन अब नगर निगम ने जगह का चयन कर लिया है। इसके साथ ही इसका बजट भी पारित हो गया है।

ये भी पढ़ें: KVS Admissions 2022: केंद्रीय विद्यालयों में एडमिशन के नियम बदले, सोर्स सिफारिश खत्म, आसानी से मिलेगा दाखिला

मुस्लिम संगठनों और धर्मगुरुओं ने किया था विरोध

गौरतलब है कि लखनऊ में लक्ष्मण की प्रतिमा का प्रस्ताव रखने का प्रस्ताव बीजेपी के पार्षद रामकृष्ण यादव ने रखा था कि प्रतिमा को टीले वाली मस्जिद के पास स्थापित करना चाहिए। क्योंकि आज भी उस स्थान को लक्ष्मण के टीले के नाम से जाना जाता है। उनका का दावा था कि लक्ष्मण का टीला भूमि अभिलेखों में भी दर्ज है। उनका कहना था कि सभी जानते हैं कि लखनऊ को लक्ष्मण के नाम पर बसाया गया था। बीजेपी के दिवंगत नेता लालजी टंडन ने अपनी किताब में टीले वाली मस्जिद के स्थान को प्राचीन लक्ष्मण टीला होने का दावा किया था। लेकिन नगर निगम के इस प्रस्ताव के बाद मुस्लिम संगठनों और धर्मगुरुओं का विरोध करना शुरू कर दिया था।