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18 नवंबर: आज का पंचांग, आज का शुभ मुहुर्त और राहुकाल

कार्तिक मार्गशीर्ष संवत 2078, कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि है। दोपहर 12 बजे तक चतुर्दशी है उसके बाद पूर्णिमा तिथि शुरू हो जाएगी। गुरुवार को दक्षिण दिशा की यात्रा वर्जित है। इस दिन दक्षिण में दिशा शूल रहता है। अगर यात्रा करनी ही हो तो दही या जीरा खाकर घर से बाहर निकलें।

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लखनऊ. कार्तिक मार्गशीर्ष संवत 2078, कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि है। दोपहर 12 बजे तक चतुर्दशी है उसके बाद पूर्णिमा तिथि शुरू हो जाएगी। जानिए आज का पंचांग, शुभ मूहुर्त आदि।

आज के दिन क्या करें और क्या न करें

गुरुवार को दक्षिण दिशा की यात्रा वर्जित है। इस दिन दक्षिण में दिशा शूल रहता है। अगर यात्रा करनी ही हो तो दही या जीरा खाकर घर से बाहर निकलें। इससे पहले पाँच कदम पीछे खींच लें। इस दिन पूजा-पाठ से जुड़ा सामान, आँखों से जुड़ी कोई वस्तु, कोई धारदार चीज जैसे चाकू, कैंची, बर्तन वगैरह नहीं खरीदना चाहिए। गुरुवार के दिन धार्मिक या पढ़ाई की पुस्तकों का दान करना चाहिए। ऐसा करने से बृहस्पति देव प्रसन्न होते हैं व बच्चों की शिक्षा में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।

आज के शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त – सुबह 11.30 बजे से दोपहर 12.13 बजे तक

अमृत काल मुहुर्त – रात 08.08 बजे से रात 09.55 बजे तक

विजय मुहूर्त – दोपहर 01.39 बजे से दोपहर 02.22 बजे तक

गोधूलि बेला – शाम 05.04 बजे से शाम 05.28 बजे तक

निशीथ काल – रात 11.25 बजे से 00.18 (19 नवंबर) बजे तक

शुभ योग

रवि योग – नहीं

सर्वार्थ सिद्धि योग – नहीं

अमृत सिद्धि योग – नहीं

द्विपुष्कर योग – नहीं

त्रिपुष्कर योग – नहीं

आज के अशुभ मुहूर्त-

गुलिक काल – सुबह 09.10 बजे से सुबह 10.31 बजे तक

यमगंड – सुबह 06.28 बजे से सुबह 07.49 बजे तक

दुर्मुहूर्त – 1. सुबह 10.04 बजे से दोपहर 10.47 बजे तक

2. दोपहर 02.22 बजे से दोपहर 03.05 बजे तक

भद्रा – दोपहर 12.00 बजे से मध्य रात्रि (19 नवंबर) 01.11 बजे तक

आज का राहुकाल

लखनऊ- दोपहर 01.12 बजे से दोपहर 02.33 बजे तक

वाराणसी – दोपहर 01.05 बजे से दोपहर 02.26 बजे तक

गोरखपुर – दोपहर 01.02 बजे से दोपहर 02.23 बजे तक

प्रयागराज – दोपहर 01.09 बजे से दोपहर 02.31 बजे तक

कानपुर – दोपहर 01.15 बजे से दोपहर 02.36 बजे तक

आगरा - दोपहर 01.24 बजे से दोपहर 02.44 बजे तक

मथुरा - दोपहर 01.25 बजे से दोपहर 02.45 बजे तक

दिल्ली - दोपहर 01.26 बजे से दोपहर 02.46 बजे तक

चंड़ीगढ़ - दोपहर 01.27 बजे से दोपहर 02.46 बजे तक

भोपाल - दोपहर 01.28 बजे से दोपहर 02.50 बजे तक

राहु काल क्या है?

राहु काल या राहु कलाम दिन का सबसे प्रतिकूल समय है, जब कुछ भी शुभ करते हैं, तो कभी भी अनुकूल परिणाम नहीं देते हैं। ज्योतिषी हमेशा शुभ मुहूर्त की गणना करते हुए, दिन के इन 90 मिनटों को छोड़ देते हैं।

यमगंडम का क्या अर्थ है या यमगंड काल?

यमगंडम का अर्थ है मृत्यु का समय, या मौत का समय। यमगंडम मुहूर्त के दौरान केवल मृत्यु अनुष्ठान और समारोह किए जाते हैं। इस समय में शुरू की गई कोई भी गतिविधि कार्य या उससे जुड़े अन्य पहलुओं को निराश करती है। इसलिए, यमगंडम मुहूर्त के दौरान की गई गतिविधियाँ विफलता में समाप्त होती हैं या अंतिम परिणाम अक्सर बहुत अनुकूल नहीं होता है। हमेशा सलाह दी जाती है कि इस दौरान धन या यात्रा से संबंधित महत्वपूर्ण गतिविधियाँ शुरू न करें।

राहु काल समय में क्या करें?

नया व्यवसाय या आयोजन शुरू करने के लिए राहु काल को शुभ नहीं माना जाता है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में पहले से शुरू होने वाली दैनिक गतिविधियों को जारी रखने में कोई समस्या नहीं है। राहु काल में नहीं की जाने वाली चीजों में शामिल हैं- विवाह संस्कार, गृहप्रवेश, पूजा और अनुष्ठान, एक नया व्यवसाय शुरू करना, और अन्य शुभ कार्य।

जब आप राहु काल के दौरान किसी शुभ घटना से बच नहीं सकते तो क्या करें?

ऐसी स्थितियों में जब आप राहु काल के दौरान महत्वपूर्ण कार्यों को करने से बच नहीं सकते हैं, तो यह सलाह दी जाती है कि भगवान हनुमान को पंचामृत और गुड़ अर्पित करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें। शुभ काम शुरू करने से पहले इस प्रसाद का सेवन करने से राहु के हानिकारक प्रभाव दूर रहेंगे।