
Yogi Adityanath(Image-ANI)
UP Government Schemes: यूपी सरकार ने वैसे तो कई सारी योजनाओं का तोहफा राज्य के लोगों के लिए दिया है। सरकार ने किसानों, युवाओं और महिलाओं के लिए सबसे ज्यादा योजनाएं दी हैं। इन योजनाओं से लाखों लोगों की जिंदगी में बहुत बड़ा बदलाव आया है। इन्हीं मे आज हम उन 5 योजनाओं के बारे में बताएंगे, जिसे युवाओं, महिलाओं और किसानों को ज्यादा फायदा हुआ। इ मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, वृद्धावस्था पेंशन योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना और केंद्र की प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना जैसी स्कीमों ने महिलाओं को सशक्त बनाया, अनाथ बच्चों को सहारा दिया, बुजुर्गों को सम्मानजनक जीवन प्रदान किया और युवाओं को रोजगार के नए अवसर दिए। इन योजनाओं से न केवल आर्थिक मदद मिली बल्कि सामाजिक समानता और आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिला। अब तक लाखों लाभार्थी इनका फायदा उठा चुके हैं। आइए, इन पांच प्रमुख योजनाओं के नाम और फायदों पर विस्तार से नजर डालते हैं।
यह योजना राज्य की लड़कियों के सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई है। इसका उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या रोकना, बालिकाओं की शिक्षा और स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है। वार्षिक आय 3 लाख रुपये से कम वाले परिवारों की बालिकाओं को जन्म से उच्च शिक्षा तक कुल 25,000 रुपये की सहायता 6 किश्तों में दी जाती है। सरकारी योजनाओं के अनुसार, अब तक लगभग 27 लाख से अधिक बालिकाओं को लाभ मिल चुका है। यह योजना महिलाओं और बालिकाओं की तकदीर बदल रही है।
कोविड महामारी में अनाथ हुए बच्चों के लिए यह योजना वरदान साबित हुई। कोविड से माता-पिता खोने वाले 0-18 वर्ष के बच्चों को प्रतिमाह 4,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। सामान्य मामलों में अन्य कारणों से अनाथ बच्चों को भी सहायता मिलती है। पूर्ण अनाथ बच्चों को बाल गृह में आवास, शिक्षा और विवाह पर अतिरिक्त मदद प्रदान की जाती है। हजारों बच्चों को इस योजना से नया जीवन मिला है।
बुजुर्गों के सम्मान और आर्थिक सुरक्षा के लिए यह योजना चलाई जा रही है। 60 वर्ष से अधिक साल के वरिष्ठ नागरिकों को प्रतिमाह 1,000 रुपये पेंशन दी जाती है। सभी वर्गों के बुजुर्ग पात्र हैं। यह राशि सीधे बैंक खाते में जाती है, जिससे बुजुर्गों को सम्मानजनक जीवन जीने में मदद मिलती है। लाखों बुजुर्ग इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं।
गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में आर्थिक बोझ कम करने के लिए यह योजना शुरू की गई। प्रति जोड़े पर सरकार 51,000 रुपये खर्च करती है। 35,000 रुपये दुल्हन के खाते में, 10,000 रुपये उपहार सामग्री और 6,000 रुपये आयोजन पर। गरीब, विधवा या परित्यक्त महिलाओं के विवाह को भी शामिल किया जाता है। यह योजना सामाजिक समरसता बढ़ाती है और फिजूलखर्ची रोकती है।
युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर फोकस वाली यह केंद्र सरकार की योजना है। पहली नौकरी पाने वाले युवाओं को 15,000 रुपये तक और नियोक्ताओं को नए कर्मचारियों पर 3,000 रुपये प्रतिमाह तक प्रोत्साहन मिलता है। 2025 से लेकर 27 तक 3.5 करोड़ नौकरियां सृजन का लक्ष्य है। यह योजना युवाओं को पहली नौकरी और कंपनियों को भर्ती में मदद दे रही है।
Updated on:
06 Jan 2026 02:43 pm
Published on:
06 Jan 2026 02:42 pm
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