
Bhulai Bhai, Prof Syed Ainul Hasan, Prof Prof Ashutosh Sharma and Sadhvi Rithambara (Left to Right)
UP Padma Shri and Padma Bhushan 2025: उत्तर प्रदेश के कुल पांच विभूतियों को पद्म श्री और पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। इसमें एक पद्म भूषण और बाकी चार लोगों को पद्म श्री मिला है। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में इन्हे पद्म श्री और पद्म भूषण से सम्मानित किया है। इन्हे अपने क्षेत्र में अहम योगदान के लिए इस सम्मान से सम्मानित किया गया है। सम्मानित लोगों को सीएम योगी ने सोशल मीडिया पर बधाई दी है।
साध्वी ऋतंभरा परम शक्तिपीठ और वात्सल्यग्राम की संस्थापक हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सामाजिक कार्य के क्षेत्र में साध्वी ऋतम्भरा को पद्म भूषण सम्मान प्रदान किया। साध्वी ऋतम्भरा एक आध्यात्मिक गुरू और प्रेरणादायी वक्ता हैं। वे वंचित बच्चों और महिलाओं की सहायता के अपने मिशन के प्रति समर्पित हैं। उनका उद्देश्य एक अधिक समतामूलक समाज का निर्माण करना है, जिसके लिए वे लगातार कार्य कर रही हैं। उनके कार्य समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक प्रेरणास्रोत हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लोक कार्य के क्षेत्र में श्री नारायण उर्फ भुलाई भाई (मरणोपरांत) को पद्म श्री से सम्मानित किया। उन्हें जनकल्याण में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए व्यापक रूप से सराहा गया। उन्होंने अनुसूचित जाति के लोगों के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और समाज के वंचित वर्गों के लिए सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किया। उनका जीवन समाजसेवा और समर्पण का एक प्रेरणादायक उदाहरण रहा है। उनके बेटे ने ये सम्मान ग्रहण किया।
प्रो. सैयद ऐनुल हसन जेएनयू, नई दिल्ली में फ़ारसी और मध्य एशियाई अध्ययन के प्रोफेसर रह चुके हैं। उनके पास 32 साल से ज़्यादा का टीचिंग और रिसर्च का अनुभव है। उन्होंने कई यूनिवर्सिटीज़ के लिए कोर्स डिजाइन किए और अफ़गान रिसोर्स सेंटर की शुरुआत कर भारत-अफ़गान रिश्तों को मज़बूती दी। फिलहाल वो मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी, हैदराबाद के वाइस चांसलर हैं। शिक्षा और साहित्य में बेहतरीन काम के लिए उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पद्म श्री से नवाज़ा है।
प्रो. सोनिया नित्यानंद को आज नई दिल्ली में माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा 'पद्म श्री' से सम्मानित किया गया। स्टेम सेल ट्रांसप्लांट और हेमेटोलॉजिकल बीमारियों पर उनका बेहतरीन रिसर्च मेडिकल फील्ड के लिए बहुत बड़ा योगदान है। उनका काम न सिर्फ शोध के क्षेत्र में अहम है, बल्कि इससे इलाज की नई राहें भी खुली हैं।
प्रो आशुतोष शर्मा आईआईटी कानपुर में इंस्टीट्यूट चेयर प्रोफेसर हैं और साथ ही INAE विश्वेश्वरैया चेयर प्रोफेसर भी हैं। वो नैनोविज्ञान पर आधारित डीएसटी यूनिट के कोऑर्डिनेटर हैं और सेंटर फॉर एनवायरनमेंटल साइंस एंड इंजीनियरिंग से भी जुड़े हुए हैं। वे विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में काफी सक्रिय हैं और लगातार नए प्रयोगों और रिसर्च में जुटे रहते हैं। उनके शोध साधना और तकनीकी नवाचारों ने देश और दुनिया में उत्तर प्रदेश का मान अभिवर्धित किया है। इसके लिए उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पद्म श्री से सम्मानित किया है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी सम्मानित विभूतियों को सम्मानित होते हुए का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘X’ पर पोस्ट किया और लिखा आपके अमूल्य योगदान से संपूर्ण राष्ट्र सदैव प्रेरणा प्राप्त करता रहेगा। इसके साथ ही सीएम योगी ने सभी के कार्यक्षेत्रों की सराहना भी की।
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Updated on:
28 May 2025 11:29 am
Published on:
27 May 2025 09:52 pm
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