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19 महीने से जेल में बंद कैदी ने बनाई दीवारों पर पेंटिंग, कहा-अपनी छाप छोड़कर जाऊंगा

जेलों में कैदी अक्सर यूं ही बैठकर या लूडो जैसा खेल खेलकर समय बिताते हैं। लखनऊ की जेल में बंद एक 37 साल के कैदी ने दीवरों पर कुछ इस तरह से अपनी छाप छोड़ी है कि बरसों उनको जेल के अफसर और कर्मचारी याद करेंगे।।

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लखनऊ

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Priyanka Dagar

Jan 18, 2023

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लखनऊ की जेल में 4,000 से ज्यादा कैदी हैं। उन्हीं के बीच एक कैदी रहता है जिसका नाम सूरज सिंह हैं। जो जेल में कैद कई लोगों की तरह अदालत से अपनी जमानत पाने का इंतजार कर रहा है। जहां हर कोई जेल में अपना समय बिताने के लिए पढ़ने या खेलने का ऑप्शन चुनते हैं। तो वहीं सूरज ने अपने लिए एक ऐसा ऑप्शन चुना जिसको हर कोई कई समय तक याद रखेगा। उन्होंने जेल की दीवारों पर पेंटिंग करना चुना है।

सूरज हत्या के प्रयास के मामले में 2 जुलाई, 2021 से जेल में बंद है। वह एक पेशेवर पेंटर रहा है। सूरज ने जेल में कई तरह की पेंटिंग जैसे-लखनऊ के प्रतिष्ठित रूमी दरवाजे की पेंटिंग की। तो वहीं, सूरज ने चारबाग रेलवे स्टेशन के साथ जेल की दीवारों पर कृष्ण और राधा जी की एक विशाल पेंटिंग की है।

सूरज ने कहा- जेल से बाहर जाने के बाद भी हर कोई मुझे याद रखेगा
सूरज ने इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए बताया, “जेल की दीवार पर मैंने जो पहली पेंटिंग बनाई थी। वह कोविड के समय में बनाई थी। उसमे कोविड को कैसे रोका जाए उसका संदेश दिया था। जेल अधिकारियों ने जब वह पेंटिंग देखी तो मुझसे पूछा, क्या मैं और पेंट करना चाहूंगा।”

सूरज ने कहा, “क्यों नहीं? मुझे पेंटिंग करना पसंद है, और पेंटिंग और अच्छे व्यवहार के साथ, मेरे जाने के बाद मैं इस जेल में अपने पीछे अपना एक हिस्सा छोड़ सकता हूं, ”मैने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी चित्र बनाया है। उनके साथ में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का चित्र भी है। सूरज ने जेल की दीवारों पर डॉ.बीआर अंबेडकर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कई अन्य लोगों की पेंटिंग की है।

सूरज को अपनी पेंटिंग में बच्चों की भावनाओं का लाता है
जेल अधिकारी ने बताया, “सूरज ने जेल में रहकर 19 महीनों में 50 से ज्यादा पेंटिंग बनाई है। 10वीं की परीक्षा में फेल होने के बाद सूरज ने पढ़ाई छोड़ दी थी। उसके दो बच्चे हैं जो उसकी पत्नी के साथ रहते हैं। उसे अपने चित्रों में बच्चों की भावनाओं को दिखाना बहुत पसंद है। महीनों पहले एक स्थानीय अदालत द्वारा खारिज किए जाने के बाद सूरज की जमानत अर्जी इलाहाबाद उच्च न्यायालय में लंबित है।

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वरिष्ठ जेल अधीक्षक आशीष तिवारी ने कहा, “उनकी पेंटिंग्स ने जेल को खूबसूरत बना दिया है। हमने उसे जितना चाहें उतना पेंट करने के लिए प्रोत्साहित किया है। हम उसे अपने कैदियों के लिए जेल के बजट से पेंट और ब्रश दिलवाते हैं। वह हमारे सबसे प्रतिभाशाली पेंटर हैं। 19 महीने जेल में रहने के दौरान सूरज का व्यवहार अच्छा रहा है।”

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