
भारतीय जनता पार्टी यूपी में अपने बचे हुए जिलों में जल्द ही अध्यक्ष घोषित करने जा रही है। पार्टी के अंत:पुर से इसके संकेत मिले हैं। सूत्रों का दावा है कि जिन 28 जिलाध्यक्षों का ऐलान होना बाकी है, उनमें से आधे दर्जन से अधिक के नाम दिल्ली भेजे जा चुके हैं। बाकी बचे जिलों को लेकर भी कवायद लगभग पूरी हो गई है। दिल्ली से हरी झंडी मिलते ही इनके नामों की घोषणा हो जाएगी।
दरअसल, प्रदेश में भाजपा के 98 संगठनात्मक जिले हैं। इनमें से 70 जिलों में अध्यक्षों का ऐलान हो चुका है। बाकी जिलों में कहीं जनप्रतिनिधियों की आपसी खींचतान तो कहीं सामाजिक समीकरण फिट न बैठने के कारण घोषणा नहीं हुई थी। जिन जिलों में ज्यादा पेंच फंसा था, उनमें मेरठ, अलीगढ़, हापुड़, लखीमपुर खीरी, देवरिया आदि शामिल थे। अब इन्हें कवायद तेज कर दी गई है।
असल में प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के लिए 50 फीसदी जिलों में चुनाव प्रक्रिया पूरी होना जरूरी था। पहली सूची आने के बाद माना जा रहा था कि बाकी जिलों में अध्यक्षों का ऐलान नये प्रदेश अध्यक्ष की सहमति से किया जाएगा। लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय नेतृत्व इससे सहमत नहीं है। उनका कहना है कि पहले ही चुनाव प्रक्रिया में काफी समय लग गया है, ऐसे में जिलों की चुनाव प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी कर ली जाए। इन्हीं निर्देशों के चलते प्रक्रिया फिर गति दी गई है।
बता दें कि भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक बैंगलौर में 17-18 अप्रैल को होने की चर्चा थी। तभी नये राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा होने की उम्मीद जताई जा रही थी। लेकिन अभी राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक की तिथियों पर अंतिम मुहर लगना बाकी है। ऐसे में माना जा रहा है कि अभी राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर अंतिम फैसला होना बाकी है। उधर, राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि अगले एक सप्ताह में प्रदेश भाजपा को नया अध्यक्ष मिलने की संभावना है। पिछड़े वर्ग से आने वाले चेहरे फिलहाल दौड़ में आगे दिखाई दे रहे हैं।
Updated on:
11 Apr 2025 09:28 am
Published on:
11 Apr 2025 09:27 am
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
