
A great crowd of people in Lucknow to see Atal's bone Ashes
लखनऊ। देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां गुरुवार को लखनऊ की गोमती नदी में विसर्जित कर दी गईं। इससे पहले अटलजी की अस्थियों का विसर्जन पिछले रविवार को हरिद्वार में किया गया था। यहां के बाद अगले दो दिन के अंदर अस्थि कलश प्रदेश के हर मंडल जिले में जाएगा और वहां मंडलवार कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसका पूरा कार्यक्रम बना कर भेज दिया गया है। किस मंडल में कौन मंत्री इसकी अगवानी करेगा और कौन लेकर जाएगा। यह पूरा कार्यक्रम पार्टी ने फाइनल कर दिया है। कानपुर में अटल की अस्थियां भाजपा के मुस्लिम नेता राज्यमंत्री मोहिसन रजा ले जाएंगे।
एक किलो मीटर लम्बी अटल कलश यात्रा
चौधरी चरण सिंह अमौसी एयर पोर्ट पर दोपहर करीब डेढ़ बजे अटल बिहारी वाजपेयी का अस्थि कलश पहुंचा। उसके बाद उनकी कलश यात्र शुरू हुई। जगह जगह लोग अटल की अस्थि कलश का नमन करने के लिए पंक्ति में खड़े दिखाई दिए। एयरपोर्ट से शुरू हुई करीब एक किलोमीटर लम्बी कलश यात्रा को आलमबाग तक पहुंचने में ही सवा घंटे लग गए। पहले इस यात्रा का कार्यक्रम स्थल गोमती तट पर झूले लाल पार्क में पहुंचने का समय तीन बजे था, लेकिन ज्यादा भीड़ हो जाने के कारण इसे वहां पहुंचने में लगभग दो घंटे विलम्ब हुआ।
हर बड़ा नेता मौजूद था इस कलश यात्रा में
कलश यात्रा में भाजपा सरकार के केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, अटल की बेटी और दामाद, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र नाथ पांडेय, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, बिहार के नव नियुक्त राज्यपाल लालजी टंडन, उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य समेत तमाम मंत्री व कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। इस अस्थि कलश यात्रा में बीजेपी के कार्यकर्ताओं समेत हजारों लोग शामिल थे।
झूले लाल पार्क में बनाया गया था मंच
गोमती नदी के तट पर बने झूले लाल पार्क में अटल अस्थि विसर्जन के लिए मंच बनाया गया था। अस्थि विसर्जन के बाद में राजनाथ सिंह, योगी आदित्यनाथ, बिहार के गवर्नर लालजी टंडन, डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा और केशव प्रसाद मौर्य ने अटलजी के साथ अपने अनुभव बताए।
मंडलों में अस्थि कलश पहुंचाने की तैयारी
24 अगस्त को कलश गोरखपुर के लिए रवाना हो जाएगा। वहां 25 अगस्त को राप्ती नदी के राजघाट में विसर्जित किया जाएगा। वाराणसी में भी गंगा नदी में, इलाहाबाद में संगम में, अयोध्या फैजाबाद में सरयू नदी में, झांसी में बेतवा नदी में, कानपुर में बिठूर स्थित गंगा नदी में, चित्रकूट में मंदाकनी नदी में, मेरठ मंडल के गढ़ मुक्तेश्वर घाट में, मुरादाबाद में राम गंगा नदी, अलीगढ़ मंडल के तहत कासगंज के सोरो में, बरेली में राम गंगा में, सहारनपुर की यमुना नदी में, बस्ती की कुआना नदी में, विंध्याचल में गंगा नदी में, देवीपाटन की राप्ती नदी में विसर्जित करने का कार्यक्रम बनाया गया है। इस तरह वाजपेयी की अस्थियां देशभर में करीब 100 नदियों में विसर्जित की जाएंगी।
Published on:
23 Aug 2018 04:22 pm
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