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गौरैया के बाद अब National Bird मोर को बचाएंगे  CM अखिलेश! जानिए कैसे?

भगवान् श्री कृष्ण की नगरी वृन्दावन में अब दर्शक मोर के झुण्ड देख सकेंगे।

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Santoshi Das

May 03, 2016

mayur dance

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लखनऊ.
भगवान् श्री कृष्ण की नगरी वृन्दावन में अब दर्शक मोर के झुण्ड देख सकेंगे। उत्तर प्रदेश सरकार ने वृन्दावन में पर्यटकों को लुभाने और राष्ट्रिय पक्षी मोर को बचाने के लिए मोर अभ्यारण बनाने के प्रोजेक्ट को हरी झंडी दिखा दी है। अखिलेश सरकार गौरैया के बाद प्रदेश में राष्ट्रिय पक्षी मोर को बचाने की पहल कर रहे हैं। वन विभाग के अधिकारीयों का कहना है की मोर अभ्यारण्य के लिए वन विभाग को 10 लाख रुपए दे दिया गया है।


मोर अभ्यारण्य की स्थापना मथुरा और वृन्दावन के बीच होगी। इसमें पहले दो हेक्टयर भूमि को विकसित कर संरक्षण केंद्र की शुरुवात की जाएगी। यहां पर मोरों के लिए वास स्थान भी बनाए जायेंगे।



लुप्त हो रहे हैं मोर

पहले ब्रज क्षेत्र में मोर बड़ी संख्या में पाए जाते थे। लेकिन पेड़ों के कटान और वन क्षेत्र में आई कमी के कारण इनकी संख्या घट गई। इस संख्या को बढ़ाने के लिए मोर अभ्यारण्य प्रोजेक्ट तैयार किया गया है।


मोर भारत ही नहीं श्रीलंका का भी राष्ट्रिय पक्षी

मोर एक पक्षी है जिसका मूलस्थान दक्षिणी और दक्षिणपूर्वी एशिया में है।ये ज़्यादातर खुले वनों में वन्यपक्षी की तरह रहते हैं। नीला मोर भारत और श्रीलंका का राष्ट्रिय पक्षी है। नर की एक ख़ूबसूरत और रंग-बिरंगी फरों से बनी पूँछ होती है, जिसे वो खोलकर प्रणय निवेदन के लिये नाचता है। मोर की मादा मोरनी कहलाती है। जावाई मोर हरे रंग का होता है



पक्षियों के राजा मोर के बारे में यह भी जानें

पक्षियों का राजा होने के कारण ही प्रकृति ने इसके सिर पर ताज जैसी कलंगी लगाई है

मोर के अद्भुत सौंदर्य के कारण ही भारत सरकार ने 26 जनवरी,1963 को इसे राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया

हमारे पड़ोसी देश म्यांमार का राष्ट्रीय पक्षी भी मोर ही है

‘फैसियानिडाई’ परिवार के सदस्य मोर का वैज्ञानिक नाम ‘पावो क्रिस्टेटस’ है

हिन्दू धर्म में मोर को मार कर खाना महापाप समझा जाता है

भगवान कृष्ण के मुकुट में लगा मोर का पंख इस पक्षी के महत्व को दर्शाता है

महाकवि कालिदास ने महाकाव्य ‘मेघदूत’ में मोर को राष्ट्रीय पक्षी से भी अधिक ऊंचा स्थान दिया है राजा-महाराजाओं को भी मोर बहुत पसंद रहा है

नर मोर की लंबाई लगभग 215 सेंटीमीटर तथा ऊंचाई लगभग 50 सेंटीमीटर होती है

मादा मोर की लंबाई लगभग 94 सेंटीमीटर ही होती है

नर और मादा मोर की पहचान करना बहुत आसान है, नर के सिर पर बड़ी कलंगी तथा मादा के सिर पर छोटी कलंगी होती है


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मयूर से सीखा नृत्य

वृन्दावन का फेमस नृत्य मयूर डांस मोर को देख कर ही सीखा गया है। वृन्दावन के मयूर नृतक दुनियाभर में फेमस हैं। इस नृत्य में ऐसा डांस होता है जैसा की मोर बारिश के मौसम में करते हैं। महिलाएं और पुरुष इस नृत्य में मोर पंख पकड़ते हैं और पंख फैलाकर थिरकते हैं। इसे देख लगता है की मोर का झुण्ड थिरक रहा हो।

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