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एक अनोखा BANK ऐसा, जिसके ATM से मिलती हैं रोटियां

उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड की में गरीबों को दो जून की रोटी के लिए किसी का मुंह नहीं ताकना पड़ेगा। अब वह ATM से पेट भरने के लिए रोटियां निकाल सकेंगे !

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Santoshi Das

Jan 13, 2016

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड में गरीबों को दो जून की रोटी के लिए किसी का मुंह नहीं ताकना पड़ेगा। अब वह ATM से पेट भरने के लिए रोटियां निकाल सकेंगे। भुखमरी से जूझ रहे लोगों के लिए बुंदेलखंड के महोबा में रोटी BANK कुछ समाज सेवियों ने मिलकर शुरू किया है। रोटी एटीएम की सुविधा 24 घंटे लोगों के लिए खुली रहती है।
roti bank

बुंदेलखंड की हालत सभी को पता हैं। सूखे की मार झेलने वाले इस जिले में लोग भूखे मर रहे हैं। हालत बदतर हो चुके हैं। प्रदेश सरकार भले ही यहां रहने वालों की भूख न मिटा पाए, लेकिन सामाजिक कार्यकर्त्ता तार पाटकर ने इनकी भूख मिटाने के लिए रोटी बैंक की शुरुआत की है।

तार पाटकर ने बताया कि भूख का कोई भगवान नहीं होता, जब पेट में लगाई गांठें भी नुकीली होकर चुभने लगें तो रोटी से बड़ा कोई धर्म नहीं होता, और न ही भूखे के लिए कोई पाप या पुण्य! पाप, पुण्य, धर्म, अधर्म, नीति और नियम ये सभी बातें उनके लिए हैं जिनके पेट भरे हों


बुंदेलखंड दशकों से भूख गरीबी, सूखा जैसे न जाने कितनी आपदाओं से घिरा है, राजनीतिक और मीडिया के गलियारों की सुर्खियां भी बनता है, लेकिन दशा और दिशा बद से बदतर ही हुई है
इसके बाद 15 अप्रैल 2015 को रोटी बैंक की शुरुआत की।


शुरुआत में 10 घरों से मिलती थी 2 रोटियां

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तारा ने बताया कि जब हम रोटी मांगते बच्चों, बूढों को देखते थे तो लगता था सारी आदर्शों की बातें बेकार हैं। इसके बाद दस घरों से दो रोटी सब्जी जमा होना शुरू हुई। चौराहों रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन जैसी जगहों पर 20 से 25 भूखे गरीबों को हर रोज खाना खिलाने की शुरुआत हुई थी, लेकिन लोग आते गये कारवां बनता गया। आज लगभग 700 घरों से रोटियां आती हैं और करीब 450 से 500 लोगों का पेट भरता है बुन्देली समाज
आज ये बैंक उन बूढ़े असहाय लोगों का पेट भी भरता है, जिनके बच्चे उन्हें घरों में अकेला छोड़कर मजदूरी की तलाश में निकल गए


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रोटी बैंक का उद्देश्य है कि कोई भूखा ना सोये
तार ने बताया कि इस रोटी बैंक के लोगों का सपना है कि कही कोई भूखा न सोए। इनकी इस पहल ने कई लोगों को प्रेरणा दी है। महोबा की ही तरह बुंदेलखंड के बांदा, अतर्रा, ललितपुर, उरई में रोटी बैंक शुरू हुए हैं। महरास्ट्र, झारखण्ड के हजारीबाग, और दिल्ली की आजादपुर मंडी में रोटी बैंक काम कर रहे हैं l

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रोटी के लिए बनाई है हेल्पलाइन नंबर

बुन्देली समाज ने अपने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किये हैं। इससे किसी को सहायता या सहयोग की आवश्यकता है वो इन नंबर्स पर फ़ोन कर सकते हैं - 9554199090, 8052354434। भूख के खिलाफ यह लड़ाई हर शहर में होनी चाहिए।