
Abhijeet Yadav
लखनऊ. विधान परिषद के सभापति रमेश यादव के बेटे अभिजीत की मौत के मामले में पुलिस तफ्तीश में जुटी है। मामले में अभिजीत की मां ने उसकी मौत का इल्जाम अपने सिर पर तो पहले ही ले लिया था, लेकिन इस पर उन्होंने खुद पर बनाए जा रहे दवाब को जिम्मेदार ठहराया था। वहीं उनके करीबियों व पड़ोसियों से बात करने पर कुछ ऐसी बातें सामने आई हैं, जिस समान्य जीवन में कम देखने को मिलती हैं। अभिजीत का व्यवहार व रमेश यादव का अपने परिवार के पति रवैया भी इस मामले को और गहराई देता है।
अचानक परिवार से बना ली थी रमेश यादव ने दूरियां-
पड़ोसियों से जानकारी होने पर पता चला है कि सभापति की पत्नी मीरा यादव व उनके दोनों बेटे बेहद परेशान रहते थे।रमेश यादव द्वारा परिवार को रुपए मुहैया न करवाना व उनसे अचानक दूरी बना लेना इस परेशानी का मुख्य कारण था। बताया जा रहा है कि रमेश यादव पूर्व में महीने-महीने में कई बार परिवार से मिलने जाते थे, लेकिन आखिरी के कई महीने से वे एक बार भी परिवार से मिलने नहीं गए थे। इस कारण अभिजीत की उसके बड़े भाई से भी कभी-कभी अनबन हो जाती थी।
बेटों का व्यवहार है समान्य-
बात करें अभिजीत की, तो व्यवहार समान्य था। वह बीएससी की पढ़ाई कर रहा था। उसमें ऐसी कोई भी आदत नहीं थी, जिसके लिए उसपर कोई उंगली उठा सके। पड़ोसिया का कहना है कि दोनों बेटों में किसी तरह का र्दुव्यवहार नहीं दिखा। न कोई शराब पीता दिखा और नहीं ही किसी अन्य तरह का नशा करते दिखे। आचरण का पता इस बात से लगाया जा सकता है कि दोनों बेटे वरिष्ठों के पैर भी छुआ करते थे।
अखिलेश से मिलकर मीरा कहना चाहती थी यह बात-
मीरा यादव समाजवादी पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश से अपने पति और विधान परिषद के सभापति रमेश यादव की शिकायत भी करना चाह रही थी। मीरा ने अपना दुखड़ा पड़ोसियों के सामने रोया भी था, जिसमें उन्होंने पिछले कुछ समय से रमेश यादव द्वारा घर खर्च न देने की बात भी कही थीं। अखिलेश यादव से मिलने के लिए उन्होंने सपा के एक पूर्व सांसद से भी कहा था, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। आखिर ऐसा क्या था कि जिससे मीरा व रमेश यादव के बीच दूरिया बढ़ गई थी। ऐसा क्या हो गया था जिससे परिवार के जीवन से खुशहाली जा चुकी थी? पुलिस मामले में मीरा यादव से तफतीश कर रही। देखते हैं इस मामले में आगे क्या होता है।
Published on:
24 Oct 2018 08:12 pm

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