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मनुष्य के समस्त संदेह को मिटा देती है श्रीरामकथा – आचार्य योगेश शास्त्री

अपने भक्तों का अहित नहीं होने देते है ।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Dec 06, 2019

मनुष्य के समस्त संदेह को मिटा देती है श्रीरामकथा - आचार्य योगेश शास्त्री

मनुष्य के समस्त संदेह को मिटा देती है श्रीरामकथा - आचार्य योगेश शास्त्री

लखनऊ, करहुं सदा तिन के रखवारी। जिम बालक राखे महतारी। जैसे मां अपने बेटे का ख्याल रखती है वैसे ही भगवान अपने भक्तों का ख्याल रखते है । सेक्टर-’ए’ सीतापुर रोड योजना कालोनी में स्थित विश्वनाथ मन्दिर परिसर में चल रहे मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीरामकथा के तीसरे दिन नारद प्रसंग का वर्णन करते हुये आचार्य योगेश शास्त्री ने बताया कि भगवान अपने भक्त की रक्षा करने के लिये खुद को भक्त के द्वारा दिया गया श्राप भी स्वीकार कर लेते है किन्तु अपने भक्तों का अहित नहीं होने देते है ।

उन्होने बताया कि भगवान श्रीराम की कथा कलियुग में समस्त मनोवांछित फल को प्रदान करने वाली है । ‘‘राम कथा सुंदर कर तारी। संसय विहग उड़ाव निहारी।।’’ जिस प्रकार ताली बजाकर पक्षी को उड़ाया जाता है उसी प्रकार ही श्रीरामकथा मनुष्य के समस्त संदेह को मिटा देती है । मां पार्वती के प्रश्न करने पर भगवान शंकर द्वारा सुनाई गई श्रीरामकथा का प्रसंग सुनाते हुये कथाव्यास आचार्य योगेश शास्त्री ने कहाकि भगवान श्रीराम की कथा कलिकालरूपी वृक्ष को या कलिकाल में व्याप्त कुसंगति को कुठाररूपी कुल्हाड़ी से काट देती है। जिन हरि कथा सुनी नहीं काना। श्रवण रन्ध्र अहि भवन समाना।।" जो लोग मनुष्य का रूप धारण करके भगवान का गुणानुवाद नहीं करते है, भगवान की कथा नहीं सुनते है उनके कान मानो सांपों के रहने का स्थान अर्थात् बिल के समान है ।