24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इन कारणों से हटाए गए शकुंतला मिश्रा यूनिवर्सिटी के VC प्रो. निशीथ राय

डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. निशीथ राय को पद से हटा दिया है।

2 min read
Google source verification
gg

लखनऊ. राजधानी स्थित डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. निशीथ राय को सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूनिवर्सिटी की सामान्य परिषद की बैठक बुलाकर बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया। कुलपति पर एक साथ दो पद पर काम करने, गलत जन्म तिथि बताने, नियुक्तियों में गड़बड़ी, अर्बन सेंटर में वित्तीय अनियमितता जैसे गंभीर आरोप हैं। शासन के आदेश के बाद लखनऊ विवि के कुलसचिव प्रो. आरके सिंह ने इसकी जांच की थी। जांच में आरोप सही पाए गए थे।

ये हैं आरोप

शकुंतला मिश्रा यूनिवर्सिटी के कुलपति पर आरोप है कि वह पुनर्वास विवि के कुलपति के साथ ही क्षेत्रीय नगर एवं पर्यावरण अध्ययन केंद्र के निदेशक का पद भी संभाले हुए हैं। कुलपति पर अर्बन सेंटर में एक करोड़ से ज्यादा के भुगतान में अनियमितता और हाईस्कूल की जन्म तिथि गलत बताने का आरोप भी है। प्रो. राय ने लविवि में नियुक्ति के लिए हाईस्कूल की मार्कशीट लगाई है, उसमें जन्म तिथि एक अक्तूबर 1963 दर्ज है।

कई कुलपतियोंं पर हैं आरोप

एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक, एक स्टडी में सामने आया है कि 75 फीसद वाइस चांसलर अपने पद के लिए फिट नहीं हैं। एसोसिएशन फॉर पॉलिसी एंड पब्लिक अवेयरनेस की स्टडी में ये सामने आया है।

ये भी हैं कारण

कहा जाता है कि निशीथ राय एक दौर में अखिलेश यादव , शिवपाल यादव के करीबे थे। निशीथ राय पर अवैध नियुक्तियां करने के साथ ही खुद उनकी नियुक्ति भी अवैध होने की शिकायतें की गई थीं। इसके बाद ही सरकार ने उनके भ्रष्टाचार की जांच कराए जाने का निर्णय लिया था। यह पहली बार नहीं था, जब निशीथ राय पर इस तरह के आरोप लगे हों। तीन साल पहले शकुंतला विवि में शिक्षकों और कर्मचारियों की सीधी भर्ती में भी उन पर भ्रष्टाचार करने के आरोप लगे थे। नियुक्तियों में काफी अनियमितता एवं गड़बड़ी की गई थी। इसके चलते इन नियुक्तियों पर रोक लगा दी गई थी।

बता दें कि एक शिकायतकर्ता ने जन्म तिथि गलत बताने का आरोप लगाते हुए इसकी लिखित शिकायत की थी। अंकपत्र के सत्यापन में सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद ने बताया कि उन्होंने 1977 में हाईस्कूल उत्तीर्ण किया था, इसमें उनकी जन्म तिथि एक अक्टूबर 1960 दर्ज है। शासन के निर्देश पर इसकी जांच की गई थी। जांच में उनपर लगे सभी आरोप सही पाए गए।