
लखनऊ. बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता शशि कपूर का सोमवार को निधन हो गया। उनका लखनऊ से भी खास नाता रहा है। दरअसल शशि कपूर अभिनीत फिल्म जुनून की अधिकांश शूटिंग लखनऊ शहर में हुई। शूटिंग का एक बड़ा हिस्सा सदर कैंट स्थित सेंट थामस चर्च में फिल्माया गया था। उसी परिसर में रहने वाले शिक्षक राजेश मैसी ने उस दौर की यादों को ताजा करते हुए बताया कि शशि कपूर को देखकर लगता ही नहीं था कि वो इस देश के थे। उनकी खूबसूरती देखकर लगता था कि गलती से छूने पर ये कहीं मैले न हो जाये। इसके अलावा लखनऊ में घोड़े वाले चने खाने वाला भी उनका किस्सा मशहूर है।
चट कर गए थे हरा चना
लखनऊ में श्याम बेनेगल के निर्देशन में बनी फिल्म जुनून के लिए रिसर्च वर्क का काम उन्होंने किया था। इतिहासकार योगी प्रवीण ने बताया कि ‘जुनून’ की शूटिंग के दौरान घोड़ों का इस्तेमाल किया जा रहा था। फिल्म के सेट पर ढेर सारा Boot (हरा चना यानी होरा) का अंबार लगा दिया जाता था। एक दिन शशि कपूर, दीप्ती नवल, शबाना आजमी, इस्मत चुगतई और मैं बेतवा नदी के किनारे बैठे-बैठे घोड़ों का Boot चबा गए। गुरूदत्त के भाई देवीदत्त प्रोड्यूसर थे, वे बोले घोड़ों का खाना कौन खा गया तो इस्मत चुगतई बोलीं-‘बम्बई में Boot को तरस गए थे। इसलिए चट कर गए।’, जिस पर हम सब मुस्कुरा दिए।
फीमेल फैंस की लग जाती थी भीड़
शशि कपूरी की फिल्म की शूटिंग का एक बड़ा हिस्सा सदर कैंट स्थित सेंट थामस चर्च में फिल्माया गया था। उसी परिसर में रहने वाले शिक्षक राजेश मैसी ने बताया कि शूटिंग प्रांगण में अधिकतर भीड़ गर्ल्स कॉलेज की लड़कियों की होती थी। लड़कियों में दीवानगी इस कदर की थी कि स्कूल छोड़ कर शूटिंग देखने में ही व्यस्त रहती थी। हम लोग इसी परिसर में रहते थे तो शशि कपूर से शूटिंग के बाद अक्सर मिलने का मौका मिल जाता था।
इतिहासकार के घर गए थे शशि कपूर
राजधानी में योगेश प्रवीन की पहचान एक मशहूर इतिहासकार के तौर पर है। उन्होंने बताया कि श्याम बेनेगल के निर्देशन में बनी फिल्म ‘जुनून के लिए रिसर्च वर्क का काम उन्होंने किया था। योगेश प्रवीन ने बताया कि फिल्म की स्टार कास्ट एवं अन्य मुख्य लोग होटल क्लार्क अवध में रुकी और अन्य यूनिट सदस्य तिलोई हाऊस में रुके थे। दो बार शशि कपूर मिलने के लिए योगेश प्रवीन के घर आये। योगेश प्रवीन ने बताया कि बड़ी ही आत्मीयता के साथ पूरे परिवार से मिलते थे। श्री प्रवीन ने बताया कि फिल्म की शूटिंग सदर के चर्च के साथ ही पान वली गली में मौजूद शाह जी की कोठी में हुई। इसके अलावा मलिहाबाद में कवि कमाल खां की कोठी में जुनून को फिल्माया गया। फिल्म का मुहूर्त दृश्य काकोरी और मलिहाबाद के बीच बहने वाली नदी के तट पर किया गया था।
शशि कपूर ने थिएटर भी लखनऊ में किया था
शशि कपूर ने लगभग 12 वर्ष की उम्र में लखनऊ में एक थियेटर भी किया है। वरिष्ठ रंगकर्मी अनिल रस्तोगी ने बताया कि साल 1950 में पृथ्वी राज कपूर की ड्रामा कम्पनी ने लखनऊ के मेफेयर सिनेमा हॉल में एक शो किया था। उसमें शशि कपूर ने चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में अभिनय किया था। उस वक्त पृथ्वी राज कपूर, राज कपूर, शम्मी कपूर भी मौजूद थे। उस शो की खूब प्रशंसा हुई थी। सभी दर्शकों ने शो खत्म होने पर खड़े होकर तालियां बजायी थी। रात का खाना पृथ्वी राजकपूर, शम्मी कपूर, शशि कपूर और राजकपूर ने एमबी क्लब में खाया था।
Published on:
05 Dec 2017 12:55 pm
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