
प्रदेश में ठंड से राहत, 22 जनवरी से व्यापक वर्षा के आसार (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)
UP Weather Update: प्रदेश में बीते कुछ दिनों से मौसम के मिज़ाज में अचानक आए बदलाव ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है। पश्चिमी विक्षोभों की सक्रियता के चलते जहाँ एक ओर न्यूनतम तापमान में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई, वहीं दूसरी ओर कोहरे के घनत्व में भी स्पष्ट कमी देखने को मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी 48 घंटों के दौरान तापमान में हल्की गिरावट संभव है, परंतु इसके बावजूद ठण्ड से मिली राहत फिलहाल बनी रहने की संभावना जताई गई है। इसके बाद 22 जनवरी से एक बार फिर मौसम करवट ले सकता है, जब उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों से वर्षा का एक नया दौर शुरू होकर पूर्वी क्षेत्रों तक फैलने की संभावना है।
मौसम विभाग के मानकों के अनुसार, 2.4 मिली मीटर से अधिक वर्षा वाले दिनों को ही ‘वर्षा दिवस’ (Rainy Day) माना जाता है। इससे कम मात्रा की वर्षा को सामान्यतः NOWCAST श्रेणी में रखा जाता है, जिसमें उच्च स्तर की सटीकता के साथ अल्पकालिक चेतावनी जारी की जाती है। इसी क्रम में, बीती रात मध्यरात्रि के आसपास पीले रंग की NOWCAST चेतावनी (Yellow Nowcast) जारी की गई थी। चूँकि अनुमानित वर्षा की मात्रा अधिक महत्वपूर्ण नहीं थी, इसलिए इसे हल्की और छिटपुट वर्षा के रूप में वर्गीकृत किया गया।
पिछले 24 घंटों के दौरान पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के मौसम में कई महत्वपूर्ण परिवर्तन दर्ज किए गए। बीती रात प्रदेश के कुछ हिस्सों में छिटपुट वर्षा देखने को मिली। इस दौरान हवाओं की दिशा में परिवर्तन तथा आसमान में बादलों की मौजूदगी के कारण न्यूनतम तापमान में औसतन 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। तापमान में इस बढ़ोतरी का सीधा असर कोहरे पर पड़ा, जिससे उसके घनत्व में उल्लेखनीय कमी आई।
कोहरे में आई कमी के चलते दिन के अधिकतम तापमान में भी 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि देखी गई। परिणामस्वरूप प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया, जो सामान्य से काफी ऊपर रहा। इस अचानक आई गर्माहट के कारण बीते दिनों से जारी ठंड का असर लगभग समाप्त सा हो गया और लोगों को ठिठुरन से राहत मिली।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव पूरी तरह से पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ी मौसमी प्रणाली का परिणाम है। बादलों की चादर और बदली हुई हवाओं ने रात के तापमान को गिरने नहीं दिया, जिससे ठंड का प्रभाव कम हुआ। खासतौर पर उत्तर और मध्य उत्तर प्रदेश में सुबह और शाम की ठिठुरन में भारी कमी दर्ज की गई है। किसानों, बुजुर्गों और दैनिक कामकाज करने वाले लोगों के लिए यह राहत भरी खबर रही।
हालाँकि, मौसम विभाग का यह भी कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ से संबद्ध द्रोणी (Trough) के पूर्व दिशा में आगे बढ़ने के साथ इसका प्रभाव धीरे-धीरे क्षीण होने लगेगा। इसके चलते हवाओं की दिशा में एक बार फिर परिवर्तन देखने को मिल सकता है। इसका असर यह होगा कि आगामी 48 घंटों के दौरान तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक गिरावट संभव है।
इसके बावजूद, तापमान के सामान्य के आसपास या उससे थोड़ा अधिक बने रहने की संभावना जताई गई है। चूंकि कोहरे का घनत्व पहले ही कम हो चुका है, इसलिए ठण्ड की तीव्रता पहले जैसी लौटने के आसार फिलहाल नहीं हैं। यानी प्रदेश में ठंड से मिली राहत कुछ और समय तक जारी रह सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार, इसके बाद उत्तरोत्तर दो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत को प्रभावित करने वाले हैं। इन विक्षोभों के प्रभाव से 22 जनवरी से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वर्षा का दौर शुरू होने की संभावना है। धीरे-धीरे यह वर्षा आगे आने वाले दिनों में पूर्वी उत्तर प्रदेश तक फैल सकती है। अनुमान है कि इस दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा देखने को मिलेगी, जबकि कुछ स्थानों पर यह व्यापक रूप भी ले सकती है।
आगामी वर्षा किसानों के लिए मिश्रित प्रभाव लेकर आ सकती है। जहाँ रबी की फसलों के लिए यह नमी लाभकारी सिद्ध हो सकती है, वहीं अधिक वर्षा होने की स्थिति में खेतों में जलभराव की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे ताज़ा मौसम पूर्वानुमान के अनुसार ही कृषि कार्यों की योजना बनाएं।
आम जनजीवन की बात करें तो वर्षा और बादलों की मौजूदगी के कारण तापमान में अत्यधिक गिरावट की संभावना कम है। इस कारण फिलहाल ठंड से मिली राहत बनी रह सकती है। हालांकि, बारिश के चलते कुछ स्थानों पर सड़कों पर फिसलन और यातायात में बाधा उत्पन्न होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
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Published on:
20 Jan 2026 10:40 am
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