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एयरो इंडिया शो : यूपी की दावेदारी पर शुरू हो गई आसमानी जंग

अब एयरो इंडिया शो पर भी राजनीति शुरू हो गई है।

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aero india show 2018

एयरो इंडिया शो : यूपी की दावेदारी पर शुरू हो गई आसमानी जंग

लखनऊ. एयरो इंडिया शो पर भी राजनीति शुरू हो गई है। अभी तक यह शो कर्नाटक में होता रहा है। इस साल इस शो को लखनऊ में कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षामंत्री से औपचारिक अनुरोध किया है। इस अनुरोध के बाद राजनीति शुरू हो गयी है। कर्नाटक में कांग्रेस सहित भाजपा ने भी विरोध जताया है। इस बीच उप्र सरकार ने रक्षामंत्री की अनुमति की प्रतीक्षा किए बगैर एयरो इंडिया शो की तैयारियां शुरू कर दी हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि उप्र देश का सबसे बड़ा राज्य है। इसलिए लखनऊ में एयरो शो आयोजित करने पर देश की बहुत बड़ी आबादी को इसका लाभ मिलेगा।

एयरो इंडिया शो में देश और विदेश की नामचीन विमानन और रक्षा कंपनियां अपने विमानों-हेलीकॉप्टरों आदि का प्रदर्शन करती हैं। योगी आदित्यनाथ ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण से अनुरोध किया है कि इस बार यह आयोजन बेंगलुरू के बजाय लखनऊ में हो। रविवार को अलीगढ़ में रक्षा गलियारे (डिफेंस कॉरीडोर) से जुड़ी परियोजनाओं के उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने यह खुलासा किया। हालांकि रक्षा मंत्री ने अभी कोई उत्तर नहीं दिया है। लेकिन, इस पर राजनीति शुरू हो गयी है। खुद भारतीय जनता पार्टी के कुछ सांसदों ने भी बेंगलुरू से बाहर इस शो को ले जाने की कोशिशों पर विरोध जताया है। कर्नाटक से भाजपा के राज्य सभा पीसी मोहन और राजीव चंद्रशेखर खुलकर विरोध में आ गए हैं। जबकि, कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष दिनेश गुंडूराव और राज्य के उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वरा भी अपनी आपत्ति जता चुके हैं। पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया भी विरोध करने वालों में शामिल हैं। खुद कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।

क्या है एयरो इंडिया शो

गौरतलब है 1996 से एयरो इंडिया शो का आयोजन होता आया है। इसे हर दो साल बाद आयोजित किया जाता रहा है। अब तक यह बेंगलुरू में ही होता आया है। इस साल इसे अक्टूबर-नवंबर में आयोजित किए जाने की योजना है। यह 22वां शो होगा। इसके पहले फरवरी 2017 में यह बेंगलुरू में हुआ था।

यूपी में एयरो शो का मतलब

यदि उप्र में एयरो शो होता है तो यह प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले राजनीतिक रूप से यूपी सबसे अहम हो गया है। इस तरह राष्ट्रव्यापी इस शो के जरिए योगी आदित्यनाथ सरकार की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिग होगी और यह संदेश जाएगा कि उप्र में औद्योगिक माहौल बन रहा है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर की कवायद जारी है। रक्षा और एयरोस्पेस इकाई एवं डिफेंस कॉरिडोर के माध्यम से राज्य में लगभग 50 हजार करोड़ रुपये के निवेश की बात की जा रही है। उप्र में रक्षा क्षेत्र में कई बड़ी कंपनियां निवेश करने जा रही हैं। डिफेंस कॉरिडोर के जरिए अगले पांच वर्षों में राज्य सरकार 2.5 लाख लोगों को रोजगार देने की बात कर रही है। अलीगढ़, आगरा, झांसी, चित्रकूट, कानपुर और लखनऊ में रक्षा कंपनियां अपनी इकाई लगाएंगी। इससे यूपी खासकर कर लखनऊ में एयरो शो आयोजित करके योगी सरकार वोटरों में सकारात्मक संदेश देना चाहती है।

भाजपा ने स्वागत किया

लखनऊ में एयरो शो आयोजित किए जाने के मुख्यमंत्री के प्रस्ताव का भाजपा के नेताओं ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि किसी एक राज्य विशेष का किसी एक राष्ट्रीय कार्यक्रम पर एकाधिकार नहीं है। इस तरह के कार्यक्रम हर राज्य में होने चाहिए। उप्र इस तरह के आयोजनों को करने में सक्षम है। इसलिए कर्नाटक का विरोध अनुचित है।