
लखनऊ विश्वविद्यालय में यूजीसी फैसलों के खिलाफ छात्रों का उबाल, मुख्य गेट पर धरना, परिसर में तनाव बढ़ा (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)
Lucknow University student protests: राजधानी के प्रतिष्ठित लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में सोमवार को छात्रों का व्यापक विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। सैकड़ों की संख्या में छात्र विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर एकत्र होकर धरने पर बैठ गए और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के हालिया निर्णयों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। छात्रों का कहना है कि नए शैक्षणिक प्रावधान उनके भविष्य, पाठ्यक्रम की गुणवत्ता और रोजगार के अवसरों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं।
सुबह से ही विश्वविद्यालय परिसर में हलचल बढ़ने लगी थी। विभिन्न विभागों के छात्र समूहों में मुख्य गेट की ओर पहुंचने लगे। देखते ही देखते बड़ी संख्या में छात्र सड़क पर बैठ गए, जिससे मुख्य मार्ग पर आवाजाही प्रभावित हुई। प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां और पोस्टर थे, जिन पर “स्टूडेंट्स यूनिटी जिंदाबाद”, “यूजीसी के फैसले वापस लो”, और “शिक्षा पर समझौता नहीं चलेगा” जैसे नारे लिखे थे।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि UGC द्वारा हाल ही में लागू किए गए कुछ शैक्षणिक ढांचे और नियमों में बदलाव से पारंपरिक शिक्षा प्रणाली पर असर पड़ रहा है। उनका आरोप है कि पाठ्यक्रम संरचना, मूल्यांकन प्रणाली और भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़े प्रावधानों में अस्पष्टता है, जिससे विद्यार्थियों के करियर को लेकर असमंजस की स्थिति बन रही है।
छात्र नेताओं का कहना था कि बिना व्यापक संवाद और परामर्श के लिए गए निर्णय शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते हैं। एक छात्र प्रतिनिधि ने कहा, “हम पढ़ाई करने आए हैं, लेकिन बार-बार बदलते नियमों से हमारा भविष्य अस्थिर हो रहा है। हम चाहते हैं कि हमारी बात सुनी जाए और नीतियों पर पुनर्विचार हो।”
धरना बढ़ता देख विश्वविद्यालय प्रशासन और स्थानीय पुलिस अलर्ट हो गई। परिसर के बाहर और अंदर सुरक्षा बढ़ा दी गई। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन छात्रों की संख्या अधिक होने के कारण माहौल तनावपूर्ण बना रहा। पुलिस बल एहतियातन तैनात रहा ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर उन्हें शांत करने की कोशिश की। सूत्रों के अनुसार, छात्रों के प्रतिनिधिमंडल को प्रशासन से वार्ता के लिए बुलाया गया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि छात्रों की मांगों और चिंताओं को उच्च स्तर तक पहुंचाया जाएगा।
प्रदर्शन के चलते कई विभागों की कक्षाएं आंशिक रूप से प्रभावित हुईं। कुछ छात्रों ने कक्षाओं का बहिष्कार किया, जबकि कई शिक्षक स्थिति सामान्य होने का इंतजार करते रहे। विश्वविद्यालय के कुछ गेट अस्थायी रूप से बंद करने पड़े ताकि भीड़ नियंत्रण में रहे। हालांकि, प्रशासन ने यह स्पष्ट किया कि परीक्षा कार्यक्रम और आधिकारिक शैक्षणिक गतिविधियों को यथासंभव सुचारू रखने का प्रयास किया जाएगा।
प्रदर्शन में विभिन्न छात्र संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी शामिल रहे। उन्होंने इसे छात्रों के अधिकारों की लड़ाई बताया। छात्र संगठनों का कहना है कि यह आंदोलन केवल एक विश्वविद्यालय तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो इसे प्रदेश स्तर पर उठाया जाएगा। एक छात्र नेता ने कहा, “यह शिक्षा की गुणवत्ता और समान अवसरों का सवाल है। अगर जरूरत पड़ी तो हम बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।”
विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपील की कि छात्र अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखें और पढ़ाई बाधित न करें। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि UGC के फैसले राष्ट्रीय स्तर पर लागू होते हैं और विश्वविद्यालय को निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन करना होता है। उन्होंने कहा, “हम छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेते हैं। संवाद के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।”
Updated on:
27 Jan 2026 02:48 pm
Published on:
27 Jan 2026 02:42 pm
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